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Thursday, February 27, 2014

राम तेरे नाम

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राम तेरे नाम
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(१)
राम एक आराध्य थाम गतिमय होना ।
रोम रोम में राम बीज प्रतिपल बोना ।।
जीवन स्वर्णिम होगा रे मन धीरज रख ,
राम नाम जप ,मनवा ;प्रातः शाम ।।
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(२)
आश और विश्वास स्वयं में राम सिखाता ।
अन्धकार में पथ प्रकाश का राम दिखाता ।।
चलता रह बस ,चलता रह रे मन अविचल,
निष्काम भाव मन करता रह तू काम ।। राम नाम जप----
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(३)
कितने आये गये नाम ले तेरा बस ।
अपना भी तो कुछ पल का है डेरा बस ।।
बस तुम जाना नाम अमर कर इस उस जग,
निश्चिंत भाव से जाना फिर उस धाम ।। राम नाम जप ----
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(४)
आना जाना नाट्य मन्च के दृश्य मनोहर ।
अपने अपने पाठ पूर्ण कर जाते उस घर ।।
बिना मोह भ्रम रे मन ,जीवन यापन कर ,
"होरी" जाना कह कह कह हे राम !! राम नाम जप ---
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राज कुमार सचान "होरी"
कवि, साहित्यकार ,वक्ता
राष्ट्रीय संयोजक ----India changes( बदलता भारत )
email - rajkumarsachanhori@gmail.com , horiindiachanges@gmail.com , www.indiachanges.com ,http// horibadaltabharat.blogspot.com http//pateltimes.blogspot.com
राम नवमी के अवसर पर प्रकाशन हेतु प्रेषित ।
राज कुमार सचान "होरी"




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Monday, August 05, 2013

ओउम् नम:शिवाय

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ओउम् नम:शिवाय
(शिव रात्रि पर )
यह शिव रात्रि तुम्हारे जीवन, की घुप रात्रि मिटा दे ।
सुख सम्पत्ति प्रवेश करे गृह ,दुख दारिद्रय मिटा दे ।।
शिव त्रिनेत्रधारी हर कर हर दुख भव पार करे ,
दे सतयुग तुझको ,तेरा हर कलियुग पूर्ण घटा दे ।।
हर हर बम बम शिव शिव कह कह बोलें नम: शिवाय ।।
ओउम् नम: शिवाय । ओउम् नम: शिवाय ।।



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Wednesday, July 31, 2013

मिड डे मील ( MDM)

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मिड डे मील ( MDM)
समस्यायें और निराकरण
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इतिहास ----
1962-63 तमिलनाडु प्रथम राज्य ।गुजरात 2nd 1984 ।केरल भी 1984 3rd
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28 नवम्बर 2001 सुप्रीम कोर्ट आदेश पकाया खाना अनिवार्य cooked food mandatory .
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मानक----- प्राइमरी --- 450 कैलोरी 12 ग्राम प्रोटीन । जूनियर -- 700 कैलोरी 20 ग्राम प्रोटीन ।
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बजट आवंटन -- 2007-08-----7,324 करोड़
2013-14 ------ 13,215 करोड़
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कुछ दुर्घटनायें ----
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1- बिहार के सारण ज़िले में ---धरमसती गंडामन गाँव स्थित स्कूल में जहरीला मिड डेमील । 16 जुलाई । 23 बच्चों की मौत । फारेंसिक साइंस लैब की जाँच में ते ल में जहरीला पदार्थ --- आरगैनो फास्फेट ।
प्रधानाध्यापिका मीणादेवी छपरा से गिरफ्तार ।
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घटना का राजनीतिक करण । दलों में सिर फुटौवल ।
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2--- मुरादाबाद के एक ग्राम के स्कूल में मेंढक पकाया । चार की हालत बिगड़ी ।प्रधानाध्यपक निलंबित ।
3--- पलवल ,हरियाणा --- छिपकली
4- धूले , महाराष्ट्र ।
5- निवेली, तमिलनाडु ।
6- in Bhopal panchayat official tries to poison 50kids in a school . Times of India 26 July , new Delhi .
7-1.5 crore kids go hungry as Bihar teachers shun meal duties . 70,200 schools .
8- teachers should not be in kitchens -- HC ALLD . DOUBLE BENCH.
Next hearing on 5th August .
9- उ प्र ने वापस किये 221 करोड़ 2013 में ,खर्च नहीं किये ।









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1- भोजन की गुणवत्ता । बिना मिलावट और मानकों के अनुरूप ।

2- शिक्षा के स्तर पर गिरावट । मैने स्वयं सीडीओ के रूप में देखा है । यूपी में ।

3- भ्रष्टाचार . अधिक बच्चे दिखा कर भुगतान

4- मिड डे मील की कम मात्रा

5- किचेन तथा अन्य स्थलों की कमी ।

6- अनुपयुक्त कर्मचारी - उत्तरदायित्व की कमी ।

7- अनुश्रवण की कमी और कारगर व्यवस्था का अभाव ।

8- बजट का समय से उपभोग नहीं ।










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समाधान के उपाय ---
1- माँ के बैंक एकाउंट में बच्चे के मिड डे मील का पैसा ट्रान्सफर किया जाय ।

2- स्कूल में रोटेशन से बच्चों की माताओं की देख रेख में खाना बने इसके लिये उन्हे मानदेय भी दिया जाये ।

3-उपयुक्त और कारगर समीक्षा (monitoring )
















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Friday, July 26, 2013

" ज़रूरी बहस "

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" ज़रूरी बहस "
रफ्तार न्यूज़ चैनेल पर प्रत्येक रविवार और गुरुवार
रात्रि 9 बजे से 9.40 बजे तक ।
आपके लिये , हमारे लिये और सबसे अधिक सम्पूर्ण राष्ट्र के लिये ज़रूरी विषयों पर सार्थक बहस-- "ज़रूरी बहस "
बहस का संचालन करेंगे प्रसिद्ध कवि , लेखक , प्रखर वक्ता और समाजसेवी --राज कुमार सचान" होरी"

"अपनी बात "
राज कुमार सचान "होरी"के साथ
रफ्तार न्यूज़ चैनल पर ही ठीक ज़रूरी बहस के तुरन्त बाद
रात्रि 9.40 बजे से 10 बजे तक --प्रत्येक रविवार और गुरुवार
इसमें हम साक्षात्कार करेंगे महत्वपूर्ण व्यक्तियों का जिनकी उपलब्धियों से आप ले सकते हैं प्रेरणा ।
विशेष -- इन दोनो कार्यक्रमों में आप भाग भी ले सकते हैं --- महत्वपूर्ण दर्शक , वक्ता या साक्षात्कार व्यक्तित्व के रूप में ।
आप अपना विज्ञापन भी दे सकते हैं ।
सम्पर्क----
09350990139 (Rajput ), 08938841199(Hori), 08800228509(Rohit ), 09910906545(Tyagi), 09810162266(Vikash)
Emails - indiachanges2012@gmail.com , indiachanges2013@gmail.com , horiindiachanges@gmail.com


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Friday, July 05, 2013

सम्मान समारोह - भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद , नई दिल्ली

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सम्मान समारोह - भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद , नई दिल्ली
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भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद ,भारत सरकार और सर्वभाषा समन्वय समिति , नई दिल्ली द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कार्यक्रम में परिषद के सभागार , नई दिल्ली में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पद्म विभूषण डा. कर्ण सिंह द्वारा प्रसिद्ध साहित्यकार श्री राज कुमार सचान होरी " मूर्धन्य साहित्यकार " के रूप में सम्मानित । खचाखच भरे सभागार में राजधानी के साहित्यकार , पत्रकार और बुद्धिजीवी उपस्थित थे । मुख्य अतिथि थे सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक पद्म भूषण डा बिन्देश्वरी पाठक । संचालन परिषद की सचिव सुनीता शर्मा ने किया । आयोजन दिनांक 4 जुलाई 2013 सायं 6से 8 बजे ।


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Tuesday, June 18, 2013

बदलता भारत

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बदलता भारत
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धर्म निरपेक्षता शब्द का अर्थ हमारे नेताओं को इतना ही पता है कि जो और जब उन्हे सुविधाजनक लगे वही धर्मनिरपेक्ष है । कश्मीर में इसका अर्थ बाकी देश से कुछ जुदा है । वहाँ अल्प संख्यकों में सिख , ईसाई , जैन , सनातनी आते हैं परन्तु उनको क्या अल्पसंख्यकों वाली सुविधायें वहाँ प्राप्त हैं?
असल में कोई भी राजनीति धर्म सापेक्षता की होनी ही नहीं चाहिये । धर्म के आधार पर न तो किसी का विरोध और न तो किसी का समर्थन -- यह सिद्धान्त होना चाहिये । लेकिन वोटों के लिये जाति , धर्म के जितने दुरुपयोग किये जा रहे हैं उतने शायद अन्य के नहीं । यह दुख:द है कि फिर अगर देश का क्षरण हुआ तो उसकी जड़ में ये दोनों ही होंगे ।
आइये चेतें , लोकतंत्र को , देश को जिन्दा रखने के लिये घटिया नेतागीरी और सिद्धान्तहीन स्वार्थों से बाज आयें ।राष्ट्र को क्षरण से बचायें ।
India Changes ( बदलता भारत )


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Sunday, June 09, 2013

आत्म कथ्य

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आत्म कथ्य
-----------------------------राज कुमार सचान होरी -राष्ट्रीय संयोजक बदलता भारत(India Changes)
भय कहाँ मुझको कभी , असिधार में चलता हूं मैं ,
तुम किनारों से चलो ,मझधार में चलता हूं मैं ।
माँ शारदे ने है दिया अधिकार मुझको लेखनी का ,
"होरी" बना ,नित दर्द के संसार में चलता हूं मैं ।।



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Saturday, June 08, 2013

जनसंख्या नियंत्रण अधिनियम की माँग पर कैंडिल मार्च में ग़ाज़ियाबाद में अड़ंगा

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जनसंख्या नियंत्रण अधिनियम की माँग पर कैंडिल मार्च में ग़ाज़ियाबाद में अड़ंगा
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ग़ाज़ियाबाद ज़िला प्रशासन ने 8 जून को ,कैंडिल मार्च की अनुमति नहीं दी । 144 धारा लागू । राष्ट्र हित में "बदलता भारत "द्वारा संसद से जनसंख्या नियंत्रण अधिनियम बनाने के लिये जगह जगह कैंडिल मार्च के आयोजन किये जा रहे है , परन्तु ग़ाज़ियाबाद में अत्यन्त क्षुब्ध करने का क़दम प्रशासन ने उठाया और हज़ारों कार्यकर्ताओं , पदाधिकारियों , संभ्रांत नागरिकों को ठेस पहुचाते हुये पता नहीं क्या सोच कर अनुमति नहीं दी । कैंडिल मार्च का नेत्रत्व स्वयं राष्ट्रीय संयोजक श्री राज कुमार सचान होरी कर रहे थे जो स्वयं भी ग़ाज़ियाबाद में अपर ज़िला मजिस्ट्रेट सहित महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं । एक आपात बैठक आहूत कर प्रशासन को चेतावनी देते हुये आज का शान्तिपूर्ण मार्च दुखी मन से स्थगित किया गया । शीघ्र ही पुनः बड़े पैमाने पर मार्च का आयोजन किया जायेगा और अगर तब भी प्रशासन ने मार्च में बाधा पहुँचायी तो बदलता भारत शान्तिपूर्वक तरीके अपनाता हुआ कैंडिल मार्च करेगा और आवश्यक होने पर सारे पदाधिकारी, कार्यकर्ता ,अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ राष्ट्र हित में जेल भी जायेंगे ।
क़ानून की माँग के साथ साथ जनता में परिवार नियोजन को बढ़ावा देने का कार्यक्रम संगठन चलाता है जिस पर रोक तानाशाही और गैरकानूनी है । बदलता भारत (India Changes) पूरे देश का ध्यान इस ओर आकर्षित कर रहा है और राष्ट्र हित में आप सबसे सहयोग की आशा भी करता है ।ग़ाज़ियाबाद के कार्यक्रम में श्री शीतला शंकर विजय मिश्र राष्ट्रीय प्रवक्ता , श्री गजय सिंह त्यागी प्रदेश उपाध्यक्ष , श्री एस पी गुप्ता सदस्य राष्ट्रीय कार्यकारिणी, श्री अशोक श्रीवास्तव, श्री सत्य प्रकाश शर्मा प्रवक्ता ,श्री कुलदीप राजपूत मीडिया प्रभारी , रोहित राज सचान एडवोकेट सहित हज़ारों लोग उपस्थित रहे ।


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Wednesday, June 05, 2013

कैंडिल मार्च क्यों ???

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कैंडिल मार्च क्यों ???
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भाइयों एवं बहनों,
देश में जनसंख्या विष्फोटक स्थिति पर पहुँच चुकी है जो आज देश की सारी प्रगति को दीमक की तरह चाट रही है ।इसी बढ़ती जनसंख्या के कारण आज शहरों में चलना दूभर है , चारों ओर जाम ही जाम । अगर हम अभी नहीं चेते तो वह दिन दूर नहीं जब सारे शहर केवल भीड़भाड़ वाले मेलों में तब्दील हो जायेंगे और हम एक स्थान से दूसरे स्थान तक मेलों की भाँति केवल पैदल ही पहुँच पायेंगे ।
जनसंख्या नियंत्रण के लिये जागरूकता कार्यक्रम सरकारों द्वारा चलाये जाते रहे लेकिन आंकडे़ सामने हैं । कभी गंभीरता से चिन्तन करिये तो पायेंगे ,राष्ट्र के भविष्य के लिये यक्ष प्रश्न खड़ी करती है जनसंख्या । जिस देश की अधिसंख्य आबादी कुपोषण से ग्रस्त, अशिक्षित , बेरोजगार ,ग़रीब हो उस देश से आशा भी क्या की जा सकती है ?
हमारी जनसंख्या का घनत्व ग़रीबी के मध्य सर्वाधिक है । ग़रीबी और आबादी एक दूसरे के पूरक हैं , अन्योन्याश्रित हैं । देश की युवा फौज का 80% अंश ग़रीब परिवारों से है जो स्वयं साधन हीन है ,वे देश के विकास में कितनी भागीदारी निभायेंगे ? जनसंख्यावृद्धि धर्म , सम्प्रदाय , जाति से जोड़ कर देखना एक गंभीर भूल है , समस्या से मुँह मोड़ना है । ग़रीबों की स्थितियां ही ऐसी होती हैं कि उन्हीं के बीच जनसंख्या तेज़ी से फलती फूलती है ।
ग्रामीण क्षेत्रों की बढ़ती जनसंख्या पलायन कर शहरों में आ बसती है ।इनमें से अधिकांश स्लम या झुग्गी झोपड़ी में रहती है । नगर दिन पर दिन विष्फोटक स्थिति में पहुँच रहे हैं ।
एक बात यहाँ गंभीरता से समझनी होगी ----- नेताओं, राजनीतिक दलों और धनाड्यों को जनसंख्या बढ़ने से लाभ है -----एक को भारी संख्या में मतदाता मिलते हैं तो दूसरे को मिलते हैं उपभोक्ता और सस्ते श्रमिक । इसलिये राष्ट्र को अपूरणीय क्षति पहुँचाने वाली इस समस्या से हमें ही जूझना होगा । जागरूकता पैदा करने के साथ साथ हमें आन्दोलन चलाने होंगे ---- एक सक्षम क़ानून के लिये । हिन्दू , मुस्लिम , सिख ,ईसाई आदि सभी को कंधे से कंधा मिला कर । चीन का उदाहरण हमारे सामने है । ग़रीब के हित में और राष्ट्र के हित में इस देश को एक न एक दिन "जनसंख्या नियंत्रण अधिनियम "बनाना होगा और देश को अपूरणीय क्षति से बचाना होगा ।
हम कैंडिल मार्च से देश का ध्यान खींचना चाहते हैं और देश की संसद से माँग करते हैं कि शीघ्र ही इस आशय का बिल संसद में लाये और समुचित प्रावधानों के साथ उसे शीघ्र पारित करे ।आइये ,भारत बदलना चाहता है -- समय की माँग है -- बस हम खुले मन से साथ दें ।
बदलता भारत( INDIA CHANGES ) की अनेक माँगे हैं जिनके लिये हम संघर्षरत हैं और उनमें से एक है ---- जनसंख्या नियंत्रण के लिये सक्षम क़ानून की माँग । क़ानून जो सबके लिये समान हो ,कोई दबाव नहीं , जोरजबरदस्ती नहीं --बस एक क़ानून हम सबके लिये ।
आइये जनसंख्या नियंत्रण क़ानून बनवाने के लिये 8 जून 2013 को हम मिल कर कैंडिल मार्च निकाल कर जन जागृति पैदा करे़ और संसद तक अपनी बात पहुंचायें ।
''जनसंख्या के सैलाब में बह न जायें हम कहीं ,
क़ानून की पतवार अब , हाथ में ले लीजिये ।
'होरी' अभी भी है समय कुछ चेतिये,उठ बैठिये ,
डूबने से पूर्व ,जिन्दा कौ़म हैं , कुछ कीजिये ।।'' आपका साथी
राज कुमार सचान 'होरी'
राष्ट्रीय संयोजक
दिनांक --25 मई 2013 INDIA CHANGES (बदलता भारत )
Facebook.com/pages/ India changes , Facebook.com/ group/ India changes , www.indiachanges.com , indiachanges2013.blogspot.com , indiachanges2020.blogspot.com , horibadaltabharat.blogspot.com
Emails ---indiachanges2012@gmail.com , indiachanges2013@gmail.com
Delhi office --- 182/3 गुरु कृपा एपार्टममेंट , ग्राउंड फ्लोर , महरौली ,नई दिल्ली -30 ,, ग़ाज़ियाबाद कार्यालय --63 NITI KHAND 3rd ,Indirapuram Gzb


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Monday, June 03, 2013

तुम्हारी ऐसी तैसी

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तुम्हारी ऐसी तैसी
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१--कहो जी मन में बैठा चोर, तुम्हारी ऐसी तैसी ।
और फिर खुद ही करते शोर , तुम्हारी ऐसी तैसी ।।
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२--कंठी माला तिलक जोगिया वस्त्र धरे,
अन्तस् पापी घट घनघोर ,तुम्हारी ऐसी तैसी ।
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३---देख और घनघोर घटायें ,क्यों पाँव कांपते ,
और फिर नाचो बन कर मोर , तुम्हारी ऐसी तैसी ।
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४--वाक्य बनाते गिरगिट से करते शब्दों के खेल ,
कवि तुम खुद ही भाव विभोर ,तुम्हारी ऐसी तैसी ।
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५--बार बार सुन चुके तुम्हारी यह कविता तुमसे ,
अमां फिर करते हो बोर ,तुम्हारी ऐसी तैसी ।
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६--पतंग उड़ा आकाश दिखाना शगल तुम्हारा,
काटते छुप छुप कर खुद डोर,तुम्हारी ऐसी तैसी ।।
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७--कठपुतली से मंदिर मस्जिद गिरजाघर गुरुद्वारे,
ओट से खुदी नचाते डोर , तुम्हारी ऐसी तैसी ।
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८--तुम सबने चूसा था उसको जब तक वह था जीवित,
अब कफ़न बाँट की होड़ , तुम्हारी ऐसी तैसी ।
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९--दिल्ली रानी राज कर रही देश धंस रहा दलदल में ,
बिल्ली सी बनी चटोर , तुम्हारी ऐसी तैसी ।
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१०--माना तुम हो बड़े आदमी पूछ तुम्हारी ,
"होरी" आदत से पर ढोर, तुम्हारी ऐसी तैसी ।
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राज कुमार सचान "होरी"
विशेष --- 1991 में लिखी मेरी यह ग़ज़ल काव्यमंचों की मेरी पहचान बनी थी ।कभी दरबार हाल ,राजभवन , लखनऊ में तहलका मचाया था । फेसबुकीय मित्रों को समर्पित ---तुम्हारी ऐसी तैसी , इस निवेदन के साथ कि इसमें कही गई कोई भी बात आपके लिये नहीं परन्तु यदि कोई भी बात आप पर सत्य बैठे तो यह महज़ संयोग होगा ,"तुम्हारी ऐसी तैसी " नहीं ।



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Saturday, June 01, 2013

क्रिकेट छोड़ो --देश बचाओ ----एक मुहिम

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क्रिकेट छोड़ो --देश बचाओ ----एक मुहिम
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राज कुमार सचान 'होरी' --राष्ट्रीय अध्यक्ष --बदलता भारत ( India Changes )
आपको सर्वप्रथम इंग्लैंड के इतिहास की ओर ले चलता हूं जिसके लिये कहा जाता था कि उसके राज्य में सूर्य नहीं डूबता था । था भी सत्य क्योंकि उसका राज्य सम्पूर्ण विश्व में फैला हुआ था । जब अंग्रेज चरम उत्कर्ष पर थे तभी उन्होने क्रिकेट खेल का आविष्कार किया और ब्रिटेन में " मेरिलबोन क्रिकेट क्लब " (M.C.C) की स्थापना की । यह विस्तृत शोध का विषय है एक ओर क्रिकेट का उत्थान होता रहा दूसरी ओर अंग्रेजों की सत्ता का पतन ।अंग्रेज कौ़म क्रिकेट खेलने में व्यस्त हो गई और धीरे धीरे वह राज करने के तरीके भूल गई । आलम यह कि क्रिकेट के उच्चतम स्तर तक पहुचते पहुँचते अंग्रेज निम्न स्तर पर आ गये और अंग्रेजों का सूरज सदा सदा के लिये डूब गया । अब हमारी बारी है ।
क्रिकेट और जुयें( gambling ) में समानतायें इस कदर हैं कि आप इसे खेल नहीं अपितु एक जुआं ही कह सकते हैं ।जुयें( gambling ) में कर्म , ज्ञान से अधिक स्थान भाग्य का होता है । अनिश्चितता के इस खेल को खेल जुयें का तो कहा जा सकता है game या sport नहींं । तभी fixing का बादशाह ही क्रिकेट है क्योंकि क्रिकेट स्वयं gambling है । पूरा का पूरा देश जुयें में लग गया कोई खेलने में तो कोई देखने में । अब इससे ईश्वर ही बचा सकता है ।
खेलों के मुकाबले जुयें में मनोरंजन अधिक होता है यह सर्वमान्य तथ्य है तभी क्रिकेट में अन्य खेलों के मुकाबले मनोरंजन का खजाना खुला रहता है । काम धन्धा छोड़ पूरा देश उसी में व्यस्त ०००विद्यार्थी अध्यापक, दुकानदार खरीददार , मज़दूर मालिक , नेता जनता --- पूरा देश आकंठ डूबा ।
सर्वे करिये देश के प्रत्येक नागरिक के कितने काम के घंटे वर्ष भर में क्रिकेट में स्वाहा होते हैं । पूरे देश को कितनी क्षति होती है ?? भारत जैसे विकासशील देश में समय की यह बरबादी हमें ग़रीब बनाने के लिये काफ़ी है ।
हम इंग्लैंड और अंग्रेजों के इतिहास से अगर सबक न ले सके तो हमें डूबने से कोई बचा न सकेगा हमारा भगवान भी नहीं ।जब इंग्लैंड जैसा देश जिसके राज्य में सूरज नहीं डूबता था एक कोने में सिमट कर रह गया , पूरी तरह बिखर गया तब हमारी क्या बिसात ? हम तो वैसे ही कमज़ोर हैं , हम क्रिकेट के धक्के को कतई बर्दाश्त नहीं कर पायेंगे ।
आइये "क्रिकेट छोड़ें -देश बचायें --एक मुहिम " में हमारा साथ दें । भारत को एक संभावित मुसीबत से उबारें ।। देशप्रेमी , राष्ट्रभक्त साथियों ! आयें भारत बचायें ।।
बदलता भारत(India Changes) आपके साथ ।।
राज कुमार सचान "होरी"
राष्ट्रीय अध्यक्ष --बदलता भारत
www.indiachanges.com , indiachanges2012.blogspot.com , indiachanges2013.blogspot.com , indiachanges2020.blogspot.com , Facebook / pages / India changes


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दोहे जीवन समर के

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दोहे जीवन समर के

१---जीवन भर रहते रहे , अपने ही घर द्वार ।
पर अपनो के संग ही , खड़ी रही दीवार ।।
२---जीवन तो जीती रही , जी न सकी पर संास ।
होरी फलती फूलती , बगिया रही उदास ।।
३----एक विटप से जा लिपट , गयी शिखर के पार ।
खड़ा रहा तन कर तना ,इसी लिये इस पार ।।
४----भौंरे !तुझ संग खेलते , फूली फली अगाध ।
मम हिय पर जाना नहीं ,जीता रहा प्रमाद ।।
५-----रेखा तो तिर्यक सरल ,बिन्दु सदा इक रूप ।
दोनो के सम्बन्ध पर , नाचे विद्वत् भूप ।।
६----नारी नर के पास है , नर नारी के पास ।
होरी फिर भी दूरियाँ ,यही प्रकृति संत्रास ।।
०००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००
राज कुमार सचान "होरी "




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Tuesday, May 28, 2013

You have been invited to contribute to India changes

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The Blogger user Sardar Patel has invited you to contribute to the blog: India changes .

To contribute to this blog, visit:
http://www.blogger.com/i.g?inviteID=7631678922360667015&blogID=4142194643137344864

You will need to sign in with a Google Account to confirm the invitation and start posting to this blog. If you do not have a Google Account yet, we will show you how to get one in minutes.

To learn more about Blogger and starting your own free blog visit http://www.blogger.com.

Friday, May 24, 2013

कैंडिल मार्च क्यों ???

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कैंडिल मार्च क्यों ???
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भाइयों एवं बहनों,
देश में जनसंख्या विष्फोटक स्थिति पर पहुँच चुकी है जो आज देश की सारी प्रगति को दीमक की तरह चाट रही है ।इसी बढ़ती जनसंख्या के कारण आज शहरों में चलना दूर है , चारों ओर जाम ही जाम । अगर हम अभी नहीं चेते तो वह दिन दूर नहीं जब सारे शहर केवल भीड़भाड़ वाले मेलों में तब्दील हो जायेंगे और हम एक स्थान से दूसरे स्थान तक मेलों की भाँति केवल पैदल ही पहुँच पायेंगे ।
जनसंख्या नियंत्रण के लिये जागरूकता कार्यक्रम सरकारों द्वारा चलाये जाते रहे लेकिन आंकडे़ सामने हैं । कभी गंभीरता से चिन्तन करिये तो राष्ट्र के भविष्य के लिये यक्ष प्रश्न खड़ी करती है जनसंख्या । जिस देश की अधिसंख्य आबादी कुपोषण से ग्रस्त, अशिक्षित , बेरोजगार ,ग़रीब हो उस देश से आशा भी क्या की जा सकती है ?
हमारी जनसंख्या का घनत्व ग़रीबी के मध्य सर्वाधिक है । ग़रीबी और आबादी एक दूसरे के पूरक हैं , अन्योन्याश्रित हैं । देश की युवा फौज का 80% अंश ग़रीब परिवारों से है जो स्वयं साधन हीन है ,वे देश के विकास में कितनी भागीदारी निभायेंगे ? जनसंख्यावृद्धि धर्म , सम्प्रदाय , जाति से जोड़ कर देखना एक गंभीर भूल है , समस्या से मुँह मोड़ना है । ग़रीबों की स्थितियां ही ऐसी होती हैं कि उन्हीं के बीच जनसंख्या तेज़ी से फलती फूलती है ।
एक बात यहाँ गंभीरता से समझनी होगी ----- नेताओं, राजनीतिक दलों और धनाड्यों को जनसंख्या बढ़ने से लाभ है -----एक को भारी संख्या में मतदाता मिलते हैं तो दूसरे को मिलते हैं उपभोक्ता और सस्ते श्रमिक । इसलिये राष्ट्र को अपूरणीय क्षति पहुँचाने वाली इस समस्या से हमें ही जूझना होगा । जागरूकता पैदा करने के साथ साथ हमें आन्दोलन चलाने होंगे ---- एक सक्षम क़ानून के लिये । हिन्दू , मुस्लिम , सिख ,ईसाई आदि सभी को कंधे से कंधा मिला कर । चीन का उदाहरण हमारे सामने है । ग़रीब के हित में और राष्ट्र के हित में इस देश को एक न एक दिन "जनसंख्या नियंत्रण अधिनियम "बनाना होगा और देश को अपूरणीय क्षति से बचाना होगा ।
हम कैंडिल मार्च से देश का ध्यान खींचना चाहते हैं और देश की संसद से माँग करते हैं कि शीघ्र ही इस आशय का बिल संसद में लाये और समुचित प्रावधानों के साथ उसे शीघ्र पारित करे ।आइये ,भारत बदलना चाहता है -- समय की माँग है -- बस हम खुले मन से साथ दें ।
बदलता भारत( INDIA CHANGES ) की अनेक माँगे हैं जिनके लिये हम संघर्षरत हैं और उनमें से एक है ---- जनसंख्या नियंत्रण के लिये सक्षम क़ानून की माँग । क़ानून जो सबके लिये समान हो ,कोई दबाव नहीं , जोरजबरदस्ती नहीं --बस एक क़ानून हम सबके लिये ।
आइये जनसंख्या नियंत्रण क़ानून बनवाने के लिये 8 जून 2013 को हम मिल कर कैंडिल मार्च निकाल कर जन जागृति पैदा करे़ और संसद तक अपनी बात पहुंचायें ।
''जनसंख्या के सैलाब में बह न जायें हम कहीं ,
क़ानून की पतवार अब , हाथ में ले लीजिये ।
'होरी' अभी भी है समय कुछ चेतिये,उठ बैठिये ,
डूबने से पूर्व ,जिन्दा कौ़म हैं , कुछ कीजिये ।।'' आपका साथी
राज कुमार सचान 'होरी'
राष्ट्रीय संयोजक
दिनांक --25 मई 2013 INDIA CHANGES (बदलता भारत )
Facebook.com/pages/ India changes , Facebook.com/ group/ India changes , www.indiachanges.com , indiachanges2013.blogspot.com , indiachanges2020.blogspot.com , horibadaltabharat.blogspot.com
Emails ---indiachanges2012@gmail.com , indiachanges2013@gmail.com
Delhi office --- 182/3 गुरु कृपा एपार्टममेंट , ग्राउंड फ्लोर , महरौली ,नई दिल्ली -30 ,, ग़ाज़ियाबाद कार्यालय --63 NITI KHAND 3rd ,Indirapuram Gzb


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Thursday, May 23, 2013

4 /कृषि को उद्योग का दर्जा

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4 /कृषि को उद्योग का दर्जा
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कृषि के समस्त कार्य एक उद्योग की तरह हैं । लगातार पूंजी निवेश , स्रम , उत्पादन आदि समस्त क्रियायें उद्योगों की भाँति होती हैं । समर्थन मूल्य भी मज़बूरी मे ही सही सरकारों द्वारा जारी किये जाते हैं । कृषक और कृषि असंगठित क्षेत्र हैं इस लिये उद्योंगों की तरह अपने मूल्य का निर्धारण नहीं कर पाता है । लागतें बढ़ती जाती हैं जिससे शुद्ध आय कम हो जाती है । कीमतों का निर्धारण आय और व्यय के आधार पर किया जाता है परन्तु कृषि में ऐसा नहीं हो रहा है । यहाँ किसान फ़सलें बो तो सकता है पर उनकी कीमत उद्योंगो की तरह स्वयं निर्धारित नहीं कर सकता ।
कृषि के अंतर्गत लागत अधिक और आय कम होने के कारण किसानों का जीवनयापन तक कठिन है । देश भर में किसानों के द्वारा आत्महत्या की घटनायें भी प्रकाश में आती रहती हैं । कृषि को लाभकारी बनाना किसानों के लिये तो ज़रूरी है ही समस्त देश के विकास और अनाज उपलब्धता के लिये भी आवश्यक ही नहीं अपितु अनिवार्य भी है ।
एक उद्योग की तरह बैंकों से लोन भी स्वीकृत नहीं हो सकता ।कृषि को स्वयं बैंक घाटे का क्षेत्र मानता है। परन्तु दोनों स्थितियों से किसान को मुक्ति मिल सकती है यदि कृषि को उद्योग का दर्जा दे दिया जाय ।
इंडिया चेंजेज़ (INDIA CHANGES )



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Wednesday, May 22, 2013

एक दोहा सिर्फ़ आपके लिये ००००००००००

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एक दोहा सिर्फ़ आपके लिये ००००००००००
माना तुमने पा लिया , निज कर से आकाश ।
लेकिन पा न सके उन्हें ,जो बैठे थे पास ।।
०००००००००००००००००००००००००००००००००
राज कुमार सचान होरी


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Tuesday, May 21, 2013

ग्राम सरकार और नगर सरकार

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ग्राम सरकार और नगर सरकार
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(3) ग्राम सरकार और नगर सरकार ़़़़ 73 वाँ और 74 वाँ संविधान संशोधन लागू कराना ।
भारत के जनमानस को ध्यान में रख अपनी जनता के सशक्तीकरण के लिये कभी देश की संसद ने बड़े उत्साह और राष्ट्र के प्रति पूर्ण निष्ठा की पवित्र भावना से गाँवों और नगरों को अपनी सरकार बनाने के लिये 73 वाँ और 74 वाँ संविधान संसोधन करते हुये देश कीजनता को है अधिकार दिया। था ।
आज स्थिति यह हैै इतने महत्वपूर्ण संविधान संसोधन हम अभी तक सम्पूर्ण देश में लागू नहीं कर पाये हैं । जिन प्रदेशोंने इन्हें लागू किया है वहाँ के परिणाम बड़े अच्छे , उत्साहवर्धक रहे हैं । परन्तु कुछ प्रदेश इन्हें अपने अधिकारों में हनन समझकर लागू नहीं कर रहे हैं । जिन प्रदेशों में इन्हें लागू नहीं किया गया उनकी स्थिति विकास की दृष्टि से असन्तोषजनक बनी हुयी है ।
देश की आधी जनता ग़रीबी रेखा के नीचे है ,विकास की दौड़ में अत्यन्त पीछे ।जनता की नियम क़ानून बनानें और संसाधनों के विकास में कोई भागीदारी नहीं है ।जबकि उक्त संसोधनों के पीछे जनता जनार्दन को सशक्त बनाने की भावना थी ।
इंडिया चेंजेज़ ( INDIA CHANGES ) ने इस प्रकरण में देश की नब्ज जानने की कोशिश की हैै़़़़ ़़़देश। के समस्त प्रधान , पंचायतों के प्रतिनिधि , ग्रामीण जनता 73 वाँ संसोधन लागू कराना चाहती है । इसके लिये समय समय पर आंदोलन भी होते रहते हैं । इसी तरह 74 वाँ संसोधन नगर निकायों के जनता के प्रतिनिधि - पार्षद और महापौर तथा नगरीय जनता लागू कराना चाहती है ।
आइए जनभावनाओं के अनुरूप देश की समस्त जनता की भलाई के लिये बिना किसी और विलम्ब के उक्त दोनों संसोधनों को पूर्ण निष्ठा से लागू करें। हम यह भी माँग करते हैं कि संसद एक संसोधन के द्वारा इन्हें स्वैच्छिक के स्थान पर अनिवार्य कर दे। जनता के इतने महत्वपूर्ण अधिकार राज्य सरकारों के भरोसे न छोड़े जाँय ।
जनता के द्वारा जनता की सरकार के लिये भले ही देशव्यापी आंदोलन क्यों न छेड़ना पड़े ।
इंडिया चेंजेज़ ( INDIA CHANGES )(बदलता भारत )
www.indiachanges.com ,indiachanges2013.blogspot.com , indiachanges2020blogspot.com ,horiindiachanges.blogspot.com , horibadaltabharat.blogspot.com ,Facebook.com/pages/India-changes ,
Eid -- indiachanges2012@gmail.com , indiachanges2013@gmail.com


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Coordinator "India changes" Delhi State

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Monday, May 20, 2013

क्या आप रुचि रखते है़??

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क्या आप रुचि रखते है़??
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बदलता भारत (INDIA CHANGES ) विभिन्न क्षेत्रों में 8 जून को सायं 6pm से 9 pm तक एक कैंडिल मार्च का आयोजन कर रहा है । जो भी हमारी विचारधारा का है और समझता है कि जागरूकता के साथ साथ जनसंख्या नियंत्रण के लिये क़ानून बनाने की आवश्यकता है , और हमारी तरह वह भी मानता है कि जनसंख्या से सबसे अधिक पीड़ा ग़रीब को होती है ,अशिक्षा , कुपोषण ,बेरोजगारी ,अपराध से वह ग्रस्त हो जाता है , आइये हमारे साथ देश में जागरूकता लायें और संसद को कहें कि एक सक्षम क़ानून "जनसंख्या नियंत्रण अधिनियम " बनायें ।
जो भी जहाँ है प्रतीक स्वरूप कैंडिल मार्च में भाग ले ।जो व्यक्ति स्वयं कैंडिल मार्च का आयोजन करना चाहे हमें Facebook के माध्यम से बदलता भारत ( India changes) के पेज में अवगत कराये और हमारे मेल indiachanges2012@gmail.com अथवा indiachanges2013@mail.comपर सूचित करे ।
राज कुमार सचान होरी
राष्ट्रीय संयोजक - बदलता भारत ( India changes )


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