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Monday, August 05, 2013

ओउम् नम:शिवाय

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ओउम् नम:शिवाय
(शिव रात्रि पर )
यह शिव रात्रि तुम्हारे जीवन, की घुप रात्रि मिटा दे ।
सुख सम्पत्ति प्रवेश करे गृह ,दुख दारिद्रय मिटा दे ।।
शिव त्रिनेत्रधारी हर कर हर दुख भव पार करे ,
दे सतयुग तुझको ,तेरा हर कलियुग पूर्ण घटा दे ।।
हर हर बम बम शिव शिव कह कह बोलें नम: शिवाय ।।
ओउम् नम: शिवाय । ओउम् नम: शिवाय ।।



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Wednesday, July 31, 2013

मिड डे मील ( MDM)

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मिड डे मील ( MDM)
समस्यायें और निराकरण
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इतिहास ----
1962-63 तमिलनाडु प्रथम राज्य ।गुजरात 2nd 1984 ।केरल भी 1984 3rd
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28 नवम्बर 2001 सुप्रीम कोर्ट आदेश पकाया खाना अनिवार्य cooked food mandatory .
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मानक----- प्राइमरी --- 450 कैलोरी 12 ग्राम प्रोटीन । जूनियर -- 700 कैलोरी 20 ग्राम प्रोटीन ।
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बजट आवंटन -- 2007-08-----7,324 करोड़
2013-14 ------ 13,215 करोड़
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कुछ दुर्घटनायें ----
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1- बिहार के सारण ज़िले में ---धरमसती गंडामन गाँव स्थित स्कूल में जहरीला मिड डेमील । 16 जुलाई । 23 बच्चों की मौत । फारेंसिक साइंस लैब की जाँच में ते ल में जहरीला पदार्थ --- आरगैनो फास्फेट ।
प्रधानाध्यापिका मीणादेवी छपरा से गिरफ्तार ।
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घटना का राजनीतिक करण । दलों में सिर फुटौवल ।
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2--- मुरादाबाद के एक ग्राम के स्कूल में मेंढक पकाया । चार की हालत बिगड़ी ।प्रधानाध्यपक निलंबित ।
3--- पलवल ,हरियाणा --- छिपकली
4- धूले , महाराष्ट्र ।
5- निवेली, तमिलनाडु ।
6- in Bhopal panchayat official tries to poison 50kids in a school . Times of India 26 July , new Delhi .
7-1.5 crore kids go hungry as Bihar teachers shun meal duties . 70,200 schools .
8- teachers should not be in kitchens -- HC ALLD . DOUBLE BENCH.
Next hearing on 5th August .
9- उ प्र ने वापस किये 221 करोड़ 2013 में ,खर्च नहीं किये ।









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1- भोजन की गुणवत्ता । बिना मिलावट और मानकों के अनुरूप ।

2- शिक्षा के स्तर पर गिरावट । मैने स्वयं सीडीओ के रूप में देखा है । यूपी में ।

3- भ्रष्टाचार . अधिक बच्चे दिखा कर भुगतान

4- मिड डे मील की कम मात्रा

5- किचेन तथा अन्य स्थलों की कमी ।

6- अनुपयुक्त कर्मचारी - उत्तरदायित्व की कमी ।

7- अनुश्रवण की कमी और कारगर व्यवस्था का अभाव ।

8- बजट का समय से उपभोग नहीं ।










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समाधान के उपाय ---
1- माँ के बैंक एकाउंट में बच्चे के मिड डे मील का पैसा ट्रान्सफर किया जाय ।

2- स्कूल में रोटेशन से बच्चों की माताओं की देख रेख में खाना बने इसके लिये उन्हे मानदेय भी दिया जाये ।

3-उपयुक्त और कारगर समीक्षा (monitoring )
















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Friday, July 26, 2013

" ज़रूरी बहस "

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" ज़रूरी बहस "
रफ्तार न्यूज़ चैनेल पर प्रत्येक रविवार और गुरुवार
रात्रि 9 बजे से 9.40 बजे तक ।
आपके लिये , हमारे लिये और सबसे अधिक सम्पूर्ण राष्ट्र के लिये ज़रूरी विषयों पर सार्थक बहस-- "ज़रूरी बहस "
बहस का संचालन करेंगे प्रसिद्ध कवि , लेखक , प्रखर वक्ता और समाजसेवी --राज कुमार सचान" होरी"

"अपनी बात "
राज कुमार सचान "होरी"के साथ
रफ्तार न्यूज़ चैनल पर ही ठीक ज़रूरी बहस के तुरन्त बाद
रात्रि 9.40 बजे से 10 बजे तक --प्रत्येक रविवार और गुरुवार
इसमें हम साक्षात्कार करेंगे महत्वपूर्ण व्यक्तियों का जिनकी उपलब्धियों से आप ले सकते हैं प्रेरणा ।
विशेष -- इन दोनो कार्यक्रमों में आप भाग भी ले सकते हैं --- महत्वपूर्ण दर्शक , वक्ता या साक्षात्कार व्यक्तित्व के रूप में ।
आप अपना विज्ञापन भी दे सकते हैं ।
सम्पर्क----
09350990139 (Rajput ), 08938841199(Hori), 08800228509(Rohit ), 09910906545(Tyagi), 09810162266(Vikash)
Emails - indiachanges2012@gmail.com , indiachanges2013@gmail.com , horiindiachanges@gmail.com


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Friday, July 05, 2013

सम्मान समारोह - भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद , नई दिल्ली

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सम्मान समारोह - भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद , नई दिल्ली
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भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद ,भारत सरकार और सर्वभाषा समन्वय समिति , नई दिल्ली द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कार्यक्रम में परिषद के सभागार , नई दिल्ली में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पद्म विभूषण डा. कर्ण सिंह द्वारा प्रसिद्ध साहित्यकार श्री राज कुमार सचान होरी " मूर्धन्य साहित्यकार " के रूप में सम्मानित । खचाखच भरे सभागार में राजधानी के साहित्यकार , पत्रकार और बुद्धिजीवी उपस्थित थे । मुख्य अतिथि थे सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक पद्म भूषण डा बिन्देश्वरी पाठक । संचालन परिषद की सचिव सुनीता शर्मा ने किया । आयोजन दिनांक 4 जुलाई 2013 सायं 6से 8 बजे ।


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Tuesday, June 18, 2013

बदलता भारत

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बदलता भारत
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धर्म निरपेक्षता शब्द का अर्थ हमारे नेताओं को इतना ही पता है कि जो और जब उन्हे सुविधाजनक लगे वही धर्मनिरपेक्ष है । कश्मीर में इसका अर्थ बाकी देश से कुछ जुदा है । वहाँ अल्प संख्यकों में सिख , ईसाई , जैन , सनातनी आते हैं परन्तु उनको क्या अल्पसंख्यकों वाली सुविधायें वहाँ प्राप्त हैं?
असल में कोई भी राजनीति धर्म सापेक्षता की होनी ही नहीं चाहिये । धर्म के आधार पर न तो किसी का विरोध और न तो किसी का समर्थन -- यह सिद्धान्त होना चाहिये । लेकिन वोटों के लिये जाति , धर्म के जितने दुरुपयोग किये जा रहे हैं उतने शायद अन्य के नहीं । यह दुख:द है कि फिर अगर देश का क्षरण हुआ तो उसकी जड़ में ये दोनों ही होंगे ।
आइये चेतें , लोकतंत्र को , देश को जिन्दा रखने के लिये घटिया नेतागीरी और सिद्धान्तहीन स्वार्थों से बाज आयें ।राष्ट्र को क्षरण से बचायें ।
India Changes ( बदलता भारत )


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Sunday, June 09, 2013

आत्म कथ्य

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आत्म कथ्य
-----------------------------राज कुमार सचान होरी -राष्ट्रीय संयोजक बदलता भारत(India Changes)
भय कहाँ मुझको कभी , असिधार में चलता हूं मैं ,
तुम किनारों से चलो ,मझधार में चलता हूं मैं ।
माँ शारदे ने है दिया अधिकार मुझको लेखनी का ,
"होरी" बना ,नित दर्द के संसार में चलता हूं मैं ।।



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Saturday, June 08, 2013

जनसंख्या नियंत्रण अधिनियम की माँग पर कैंडिल मार्च में ग़ाज़ियाबाद में अड़ंगा

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जनसंख्या नियंत्रण अधिनियम की माँग पर कैंडिल मार्च में ग़ाज़ियाबाद में अड़ंगा
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ग़ाज़ियाबाद ज़िला प्रशासन ने 8 जून को ,कैंडिल मार्च की अनुमति नहीं दी । 144 धारा लागू । राष्ट्र हित में "बदलता भारत "द्वारा संसद से जनसंख्या नियंत्रण अधिनियम बनाने के लिये जगह जगह कैंडिल मार्च के आयोजन किये जा रहे है , परन्तु ग़ाज़ियाबाद में अत्यन्त क्षुब्ध करने का क़दम प्रशासन ने उठाया और हज़ारों कार्यकर्ताओं , पदाधिकारियों , संभ्रांत नागरिकों को ठेस पहुचाते हुये पता नहीं क्या सोच कर अनुमति नहीं दी । कैंडिल मार्च का नेत्रत्व स्वयं राष्ट्रीय संयोजक श्री राज कुमार सचान होरी कर रहे थे जो स्वयं भी ग़ाज़ियाबाद में अपर ज़िला मजिस्ट्रेट सहित महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं । एक आपात बैठक आहूत कर प्रशासन को चेतावनी देते हुये आज का शान्तिपूर्ण मार्च दुखी मन से स्थगित किया गया । शीघ्र ही पुनः बड़े पैमाने पर मार्च का आयोजन किया जायेगा और अगर तब भी प्रशासन ने मार्च में बाधा पहुँचायी तो बदलता भारत शान्तिपूर्वक तरीके अपनाता हुआ कैंडिल मार्च करेगा और आवश्यक होने पर सारे पदाधिकारी, कार्यकर्ता ,अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ राष्ट्र हित में जेल भी जायेंगे ।
क़ानून की माँग के साथ साथ जनता में परिवार नियोजन को बढ़ावा देने का कार्यक्रम संगठन चलाता है जिस पर रोक तानाशाही और गैरकानूनी है । बदलता भारत (India Changes) पूरे देश का ध्यान इस ओर आकर्षित कर रहा है और राष्ट्र हित में आप सबसे सहयोग की आशा भी करता है ।ग़ाज़ियाबाद के कार्यक्रम में श्री शीतला शंकर विजय मिश्र राष्ट्रीय प्रवक्ता , श्री गजय सिंह त्यागी प्रदेश उपाध्यक्ष , श्री एस पी गुप्ता सदस्य राष्ट्रीय कार्यकारिणी, श्री अशोक श्रीवास्तव, श्री सत्य प्रकाश शर्मा प्रवक्ता ,श्री कुलदीप राजपूत मीडिया प्रभारी , रोहित राज सचान एडवोकेट सहित हज़ारों लोग उपस्थित रहे ।


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Wednesday, June 05, 2013

कैंडिल मार्च क्यों ???

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कैंडिल मार्च क्यों ???
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भाइयों एवं बहनों,
देश में जनसंख्या विष्फोटक स्थिति पर पहुँच चुकी है जो आज देश की सारी प्रगति को दीमक की तरह चाट रही है ।इसी बढ़ती जनसंख्या के कारण आज शहरों में चलना दूभर है , चारों ओर जाम ही जाम । अगर हम अभी नहीं चेते तो वह दिन दूर नहीं जब सारे शहर केवल भीड़भाड़ वाले मेलों में तब्दील हो जायेंगे और हम एक स्थान से दूसरे स्थान तक मेलों की भाँति केवल पैदल ही पहुँच पायेंगे ।
जनसंख्या नियंत्रण के लिये जागरूकता कार्यक्रम सरकारों द्वारा चलाये जाते रहे लेकिन आंकडे़ सामने हैं । कभी गंभीरता से चिन्तन करिये तो पायेंगे ,राष्ट्र के भविष्य के लिये यक्ष प्रश्न खड़ी करती है जनसंख्या । जिस देश की अधिसंख्य आबादी कुपोषण से ग्रस्त, अशिक्षित , बेरोजगार ,ग़रीब हो उस देश से आशा भी क्या की जा सकती है ?
हमारी जनसंख्या का घनत्व ग़रीबी के मध्य सर्वाधिक है । ग़रीबी और आबादी एक दूसरे के पूरक हैं , अन्योन्याश्रित हैं । देश की युवा फौज का 80% अंश ग़रीब परिवारों से है जो स्वयं साधन हीन है ,वे देश के विकास में कितनी भागीदारी निभायेंगे ? जनसंख्यावृद्धि धर्म , सम्प्रदाय , जाति से जोड़ कर देखना एक गंभीर भूल है , समस्या से मुँह मोड़ना है । ग़रीबों की स्थितियां ही ऐसी होती हैं कि उन्हीं के बीच जनसंख्या तेज़ी से फलती फूलती है ।
ग्रामीण क्षेत्रों की बढ़ती जनसंख्या पलायन कर शहरों में आ बसती है ।इनमें से अधिकांश स्लम या झुग्गी झोपड़ी में रहती है । नगर दिन पर दिन विष्फोटक स्थिति में पहुँच रहे हैं ।
एक बात यहाँ गंभीरता से समझनी होगी ----- नेताओं, राजनीतिक दलों और धनाड्यों को जनसंख्या बढ़ने से लाभ है -----एक को भारी संख्या में मतदाता मिलते हैं तो दूसरे को मिलते हैं उपभोक्ता और सस्ते श्रमिक । इसलिये राष्ट्र को अपूरणीय क्षति पहुँचाने वाली इस समस्या से हमें ही जूझना होगा । जागरूकता पैदा करने के साथ साथ हमें आन्दोलन चलाने होंगे ---- एक सक्षम क़ानून के लिये । हिन्दू , मुस्लिम , सिख ,ईसाई आदि सभी को कंधे से कंधा मिला कर । चीन का उदाहरण हमारे सामने है । ग़रीब के हित में और राष्ट्र के हित में इस देश को एक न एक दिन "जनसंख्या नियंत्रण अधिनियम "बनाना होगा और देश को अपूरणीय क्षति से बचाना होगा ।
हम कैंडिल मार्च से देश का ध्यान खींचना चाहते हैं और देश की संसद से माँग करते हैं कि शीघ्र ही इस आशय का बिल संसद में लाये और समुचित प्रावधानों के साथ उसे शीघ्र पारित करे ।आइये ,भारत बदलना चाहता है -- समय की माँग है -- बस हम खुले मन से साथ दें ।
बदलता भारत( INDIA CHANGES ) की अनेक माँगे हैं जिनके लिये हम संघर्षरत हैं और उनमें से एक है ---- जनसंख्या नियंत्रण के लिये सक्षम क़ानून की माँग । क़ानून जो सबके लिये समान हो ,कोई दबाव नहीं , जोरजबरदस्ती नहीं --बस एक क़ानून हम सबके लिये ।
आइये जनसंख्या नियंत्रण क़ानून बनवाने के लिये 8 जून 2013 को हम मिल कर कैंडिल मार्च निकाल कर जन जागृति पैदा करे़ और संसद तक अपनी बात पहुंचायें ।
''जनसंख्या के सैलाब में बह न जायें हम कहीं ,
क़ानून की पतवार अब , हाथ में ले लीजिये ।
'होरी' अभी भी है समय कुछ चेतिये,उठ बैठिये ,
डूबने से पूर्व ,जिन्दा कौ़म हैं , कुछ कीजिये ।।'' आपका साथी
राज कुमार सचान 'होरी'
राष्ट्रीय संयोजक
दिनांक --25 मई 2013 INDIA CHANGES (बदलता भारत )
Facebook.com/pages/ India changes , Facebook.com/ group/ India changes , www.indiachanges.com , indiachanges2013.blogspot.com , indiachanges2020.blogspot.com , horibadaltabharat.blogspot.com
Emails ---indiachanges2012@gmail.com , indiachanges2013@gmail.com
Delhi office --- 182/3 गुरु कृपा एपार्टममेंट , ग्राउंड फ्लोर , महरौली ,नई दिल्ली -30 ,, ग़ाज़ियाबाद कार्यालय --63 NITI KHAND 3rd ,Indirapuram Gzb


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Monday, June 03, 2013

तुम्हारी ऐसी तैसी

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तुम्हारी ऐसी तैसी
००००००००००००००००००००००००००००००००००००००

१--कहो जी मन में बैठा चोर, तुम्हारी ऐसी तैसी ।
और फिर खुद ही करते शोर , तुम्हारी ऐसी तैसी ।।
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२--कंठी माला तिलक जोगिया वस्त्र धरे,
अन्तस् पापी घट घनघोर ,तुम्हारी ऐसी तैसी ।
----------------------------------------
३---देख और घनघोर घटायें ,क्यों पाँव कांपते ,
और फिर नाचो बन कर मोर , तुम्हारी ऐसी तैसी ।
--------------------------------------------
४--वाक्य बनाते गिरगिट से करते शब्दों के खेल ,
कवि तुम खुद ही भाव विभोर ,तुम्हारी ऐसी तैसी ।
------------------------------------------
५--बार बार सुन चुके तुम्हारी यह कविता तुमसे ,
अमां फिर करते हो बोर ,तुम्हारी ऐसी तैसी ।
-------------------------------------------
६--पतंग उड़ा आकाश दिखाना शगल तुम्हारा,
काटते छुप छुप कर खुद डोर,तुम्हारी ऐसी तैसी ।।
-------------------------------------------
७--कठपुतली से मंदिर मस्जिद गिरजाघर गुरुद्वारे,
ओट से खुदी नचाते डोर , तुम्हारी ऐसी तैसी ।
-------------------------------------------
८--तुम सबने चूसा था उसको जब तक वह था जीवित,
अब कफ़न बाँट की होड़ , तुम्हारी ऐसी तैसी ।
-----------------------------------------------
९--दिल्ली रानी राज कर रही देश धंस रहा दलदल में ,
बिल्ली सी बनी चटोर , तुम्हारी ऐसी तैसी ।
----------------------------------------------
१०--माना तुम हो बड़े आदमी पूछ तुम्हारी ,
"होरी" आदत से पर ढोर, तुम्हारी ऐसी तैसी ।
००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००
राज कुमार सचान "होरी"
विशेष --- 1991 में लिखी मेरी यह ग़ज़ल काव्यमंचों की मेरी पहचान बनी थी ।कभी दरबार हाल ,राजभवन , लखनऊ में तहलका मचाया था । फेसबुकीय मित्रों को समर्पित ---तुम्हारी ऐसी तैसी , इस निवेदन के साथ कि इसमें कही गई कोई भी बात आपके लिये नहीं परन्तु यदि कोई भी बात आप पर सत्य बैठे तो यह महज़ संयोग होगा ,"तुम्हारी ऐसी तैसी " नहीं ।



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Saturday, June 01, 2013

क्रिकेट छोड़ो --देश बचाओ ----एक मुहिम

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क्रिकेट छोड़ो --देश बचाओ ----एक मुहिम
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राज कुमार सचान 'होरी' --राष्ट्रीय अध्यक्ष --बदलता भारत ( India Changes )
आपको सर्वप्रथम इंग्लैंड के इतिहास की ओर ले चलता हूं जिसके लिये कहा जाता था कि उसके राज्य में सूर्य नहीं डूबता था । था भी सत्य क्योंकि उसका राज्य सम्पूर्ण विश्व में फैला हुआ था । जब अंग्रेज चरम उत्कर्ष पर थे तभी उन्होने क्रिकेट खेल का आविष्कार किया और ब्रिटेन में " मेरिलबोन क्रिकेट क्लब " (M.C.C) की स्थापना की । यह विस्तृत शोध का विषय है एक ओर क्रिकेट का उत्थान होता रहा दूसरी ओर अंग्रेजों की सत्ता का पतन ।अंग्रेज कौ़म क्रिकेट खेलने में व्यस्त हो गई और धीरे धीरे वह राज करने के तरीके भूल गई । आलम यह कि क्रिकेट के उच्चतम स्तर तक पहुचते पहुँचते अंग्रेज निम्न स्तर पर आ गये और अंग्रेजों का सूरज सदा सदा के लिये डूब गया । अब हमारी बारी है ।
क्रिकेट और जुयें( gambling ) में समानतायें इस कदर हैं कि आप इसे खेल नहीं अपितु एक जुआं ही कह सकते हैं ।जुयें( gambling ) में कर्म , ज्ञान से अधिक स्थान भाग्य का होता है । अनिश्चितता के इस खेल को खेल जुयें का तो कहा जा सकता है game या sport नहींं । तभी fixing का बादशाह ही क्रिकेट है क्योंकि क्रिकेट स्वयं gambling है । पूरा का पूरा देश जुयें में लग गया कोई खेलने में तो कोई देखने में । अब इससे ईश्वर ही बचा सकता है ।
खेलों के मुकाबले जुयें में मनोरंजन अधिक होता है यह सर्वमान्य तथ्य है तभी क्रिकेट में अन्य खेलों के मुकाबले मनोरंजन का खजाना खुला रहता है । काम धन्धा छोड़ पूरा देश उसी में व्यस्त ०००विद्यार्थी अध्यापक, दुकानदार खरीददार , मज़दूर मालिक , नेता जनता --- पूरा देश आकंठ डूबा ।
सर्वे करिये देश के प्रत्येक नागरिक के कितने काम के घंटे वर्ष भर में क्रिकेट में स्वाहा होते हैं । पूरे देश को कितनी क्षति होती है ?? भारत जैसे विकासशील देश में समय की यह बरबादी हमें ग़रीब बनाने के लिये काफ़ी है ।
हम इंग्लैंड और अंग्रेजों के इतिहास से अगर सबक न ले सके तो हमें डूबने से कोई बचा न सकेगा हमारा भगवान भी नहीं ।जब इंग्लैंड जैसा देश जिसके राज्य में सूरज नहीं डूबता था एक कोने में सिमट कर रह गया , पूरी तरह बिखर गया तब हमारी क्या बिसात ? हम तो वैसे ही कमज़ोर हैं , हम क्रिकेट के धक्के को कतई बर्दाश्त नहीं कर पायेंगे ।
आइये "क्रिकेट छोड़ें -देश बचायें --एक मुहिम " में हमारा साथ दें । भारत को एक संभावित मुसीबत से उबारें ।। देशप्रेमी , राष्ट्रभक्त साथियों ! आयें भारत बचायें ।।
बदलता भारत(India Changes) आपके साथ ।।
राज कुमार सचान "होरी"
राष्ट्रीय अध्यक्ष --बदलता भारत
www.indiachanges.com , indiachanges2012.blogspot.com , indiachanges2013.blogspot.com , indiachanges2020.blogspot.com , Facebook / pages / India changes


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दोहे जीवन समर के

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दोहे जीवन समर के

१---जीवन भर रहते रहे , अपने ही घर द्वार ।
पर अपनो के संग ही , खड़ी रही दीवार ।।
२---जीवन तो जीती रही , जी न सकी पर संास ।
होरी फलती फूलती , बगिया रही उदास ।।
३----एक विटप से जा लिपट , गयी शिखर के पार ।
खड़ा रहा तन कर तना ,इसी लिये इस पार ।।
४----भौंरे !तुझ संग खेलते , फूली फली अगाध ।
मम हिय पर जाना नहीं ,जीता रहा प्रमाद ।।
५-----रेखा तो तिर्यक सरल ,बिन्दु सदा इक रूप ।
दोनो के सम्बन्ध पर , नाचे विद्वत् भूप ।।
६----नारी नर के पास है , नर नारी के पास ।
होरी फिर भी दूरियाँ ,यही प्रकृति संत्रास ।।
०००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००
राज कुमार सचान "होरी "




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Tuesday, May 28, 2013

You have been invited to contribute to India changes

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The Blogger user Sardar Patel has invited you to contribute to the blog: India changes .

To contribute to this blog, visit:
http://www.blogger.com/i.g?inviteID=7631678922360667015&blogID=4142194643137344864

You will need to sign in with a Google Account to confirm the invitation and start posting to this blog. If you do not have a Google Account yet, we will show you how to get one in minutes.

To learn more about Blogger and starting your own free blog visit http://www.blogger.com.

Friday, May 24, 2013

कैंडिल मार्च क्यों ???

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कैंडिल मार्च क्यों ???
००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००
भाइयों एवं बहनों,
देश में जनसंख्या विष्फोटक स्थिति पर पहुँच चुकी है जो आज देश की सारी प्रगति को दीमक की तरह चाट रही है ।इसी बढ़ती जनसंख्या के कारण आज शहरों में चलना दूर है , चारों ओर जाम ही जाम । अगर हम अभी नहीं चेते तो वह दिन दूर नहीं जब सारे शहर केवल भीड़भाड़ वाले मेलों में तब्दील हो जायेंगे और हम एक स्थान से दूसरे स्थान तक मेलों की भाँति केवल पैदल ही पहुँच पायेंगे ।
जनसंख्या नियंत्रण के लिये जागरूकता कार्यक्रम सरकारों द्वारा चलाये जाते रहे लेकिन आंकडे़ सामने हैं । कभी गंभीरता से चिन्तन करिये तो राष्ट्र के भविष्य के लिये यक्ष प्रश्न खड़ी करती है जनसंख्या । जिस देश की अधिसंख्य आबादी कुपोषण से ग्रस्त, अशिक्षित , बेरोजगार ,ग़रीब हो उस देश से आशा भी क्या की जा सकती है ?
हमारी जनसंख्या का घनत्व ग़रीबी के मध्य सर्वाधिक है । ग़रीबी और आबादी एक दूसरे के पूरक हैं , अन्योन्याश्रित हैं । देश की युवा फौज का 80% अंश ग़रीब परिवारों से है जो स्वयं साधन हीन है ,वे देश के विकास में कितनी भागीदारी निभायेंगे ? जनसंख्यावृद्धि धर्म , सम्प्रदाय , जाति से जोड़ कर देखना एक गंभीर भूल है , समस्या से मुँह मोड़ना है । ग़रीबों की स्थितियां ही ऐसी होती हैं कि उन्हीं के बीच जनसंख्या तेज़ी से फलती फूलती है ।
एक बात यहाँ गंभीरता से समझनी होगी ----- नेताओं, राजनीतिक दलों और धनाड्यों को जनसंख्या बढ़ने से लाभ है -----एक को भारी संख्या में मतदाता मिलते हैं तो दूसरे को मिलते हैं उपभोक्ता और सस्ते श्रमिक । इसलिये राष्ट्र को अपूरणीय क्षति पहुँचाने वाली इस समस्या से हमें ही जूझना होगा । जागरूकता पैदा करने के साथ साथ हमें आन्दोलन चलाने होंगे ---- एक सक्षम क़ानून के लिये । हिन्दू , मुस्लिम , सिख ,ईसाई आदि सभी को कंधे से कंधा मिला कर । चीन का उदाहरण हमारे सामने है । ग़रीब के हित में और राष्ट्र के हित में इस देश को एक न एक दिन "जनसंख्या नियंत्रण अधिनियम "बनाना होगा और देश को अपूरणीय क्षति से बचाना होगा ।
हम कैंडिल मार्च से देश का ध्यान खींचना चाहते हैं और देश की संसद से माँग करते हैं कि शीघ्र ही इस आशय का बिल संसद में लाये और समुचित प्रावधानों के साथ उसे शीघ्र पारित करे ।आइये ,भारत बदलना चाहता है -- समय की माँग है -- बस हम खुले मन से साथ दें ।
बदलता भारत( INDIA CHANGES ) की अनेक माँगे हैं जिनके लिये हम संघर्षरत हैं और उनमें से एक है ---- जनसंख्या नियंत्रण के लिये सक्षम क़ानून की माँग । क़ानून जो सबके लिये समान हो ,कोई दबाव नहीं , जोरजबरदस्ती नहीं --बस एक क़ानून हम सबके लिये ।
आइये जनसंख्या नियंत्रण क़ानून बनवाने के लिये 8 जून 2013 को हम मिल कर कैंडिल मार्च निकाल कर जन जागृति पैदा करे़ और संसद तक अपनी बात पहुंचायें ।
''जनसंख्या के सैलाब में बह न जायें हम कहीं ,
क़ानून की पतवार अब , हाथ में ले लीजिये ।
'होरी' अभी भी है समय कुछ चेतिये,उठ बैठिये ,
डूबने से पूर्व ,जिन्दा कौ़म हैं , कुछ कीजिये ।।'' आपका साथी
राज कुमार सचान 'होरी'
राष्ट्रीय संयोजक
दिनांक --25 मई 2013 INDIA CHANGES (बदलता भारत )
Facebook.com/pages/ India changes , Facebook.com/ group/ India changes , www.indiachanges.com , indiachanges2013.blogspot.com , indiachanges2020.blogspot.com , horibadaltabharat.blogspot.com
Emails ---indiachanges2012@gmail.com , indiachanges2013@gmail.com
Delhi office --- 182/3 गुरु कृपा एपार्टममेंट , ग्राउंड फ्लोर , महरौली ,नई दिल्ली -30 ,, ग़ाज़ियाबाद कार्यालय --63 NITI KHAND 3rd ,Indirapuram Gzb


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Thursday, May 23, 2013

4 /कृषि को उद्योग का दर्जा

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4 /कृषि को उद्योग का दर्जा
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कृषि के समस्त कार्य एक उद्योग की तरह हैं । लगातार पूंजी निवेश , स्रम , उत्पादन आदि समस्त क्रियायें उद्योगों की भाँति होती हैं । समर्थन मूल्य भी मज़बूरी मे ही सही सरकारों द्वारा जारी किये जाते हैं । कृषक और कृषि असंगठित क्षेत्र हैं इस लिये उद्योंगों की तरह अपने मूल्य का निर्धारण नहीं कर पाता है । लागतें बढ़ती जाती हैं जिससे शुद्ध आय कम हो जाती है । कीमतों का निर्धारण आय और व्यय के आधार पर किया जाता है परन्तु कृषि में ऐसा नहीं हो रहा है । यहाँ किसान फ़सलें बो तो सकता है पर उनकी कीमत उद्योंगो की तरह स्वयं निर्धारित नहीं कर सकता ।
कृषि के अंतर्गत लागत अधिक और आय कम होने के कारण किसानों का जीवनयापन तक कठिन है । देश भर में किसानों के द्वारा आत्महत्या की घटनायें भी प्रकाश में आती रहती हैं । कृषि को लाभकारी बनाना किसानों के लिये तो ज़रूरी है ही समस्त देश के विकास और अनाज उपलब्धता के लिये भी आवश्यक ही नहीं अपितु अनिवार्य भी है ।
एक उद्योग की तरह बैंकों से लोन भी स्वीकृत नहीं हो सकता ।कृषि को स्वयं बैंक घाटे का क्षेत्र मानता है। परन्तु दोनों स्थितियों से किसान को मुक्ति मिल सकती है यदि कृषि को उद्योग का दर्जा दे दिया जाय ।
इंडिया चेंजेज़ (INDIA CHANGES )



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Wednesday, May 22, 2013

एक दोहा सिर्फ़ आपके लिये ००००००००००

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एक दोहा सिर्फ़ आपके लिये ००००००००००
माना तुमने पा लिया , निज कर से आकाश ।
लेकिन पा न सके उन्हें ,जो बैठे थे पास ।।
०००००००००००००००००००००००००००००००००
राज कुमार सचान होरी


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Tuesday, May 21, 2013

ग्राम सरकार और नगर सरकार

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ग्राम सरकार और नगर सरकार
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(3) ग्राम सरकार और नगर सरकार ़़़़ 73 वाँ और 74 वाँ संविधान संशोधन लागू कराना ।
भारत के जनमानस को ध्यान में रख अपनी जनता के सशक्तीकरण के लिये कभी देश की संसद ने बड़े उत्साह और राष्ट्र के प्रति पूर्ण निष्ठा की पवित्र भावना से गाँवों और नगरों को अपनी सरकार बनाने के लिये 73 वाँ और 74 वाँ संविधान संसोधन करते हुये देश कीजनता को है अधिकार दिया। था ।
आज स्थिति यह हैै इतने महत्वपूर्ण संविधान संसोधन हम अभी तक सम्पूर्ण देश में लागू नहीं कर पाये हैं । जिन प्रदेशोंने इन्हें लागू किया है वहाँ के परिणाम बड़े अच्छे , उत्साहवर्धक रहे हैं । परन्तु कुछ प्रदेश इन्हें अपने अधिकारों में हनन समझकर लागू नहीं कर रहे हैं । जिन प्रदेशों में इन्हें लागू नहीं किया गया उनकी स्थिति विकास की दृष्टि से असन्तोषजनक बनी हुयी है ।
देश की आधी जनता ग़रीबी रेखा के नीचे है ,विकास की दौड़ में अत्यन्त पीछे ।जनता की नियम क़ानून बनानें और संसाधनों के विकास में कोई भागीदारी नहीं है ।जबकि उक्त संसोधनों के पीछे जनता जनार्दन को सशक्त बनाने की भावना थी ।
इंडिया चेंजेज़ ( INDIA CHANGES ) ने इस प्रकरण में देश की नब्ज जानने की कोशिश की हैै़़़़ ़़़देश। के समस्त प्रधान , पंचायतों के प्रतिनिधि , ग्रामीण जनता 73 वाँ संसोधन लागू कराना चाहती है । इसके लिये समय समय पर आंदोलन भी होते रहते हैं । इसी तरह 74 वाँ संसोधन नगर निकायों के जनता के प्रतिनिधि - पार्षद और महापौर तथा नगरीय जनता लागू कराना चाहती है ।
आइए जनभावनाओं के अनुरूप देश की समस्त जनता की भलाई के लिये बिना किसी और विलम्ब के उक्त दोनों संसोधनों को पूर्ण निष्ठा से लागू करें। हम यह भी माँग करते हैं कि संसद एक संसोधन के द्वारा इन्हें स्वैच्छिक के स्थान पर अनिवार्य कर दे। जनता के इतने महत्वपूर्ण अधिकार राज्य सरकारों के भरोसे न छोड़े जाँय ।
जनता के द्वारा जनता की सरकार के लिये भले ही देशव्यापी आंदोलन क्यों न छेड़ना पड़े ।
इंडिया चेंजेज़ ( INDIA CHANGES )(बदलता भारत )
www.indiachanges.com ,indiachanges2013.blogspot.com , indiachanges2020blogspot.com ,horiindiachanges.blogspot.com , horibadaltabharat.blogspot.com ,Facebook.com/pages/India-changes ,
Eid -- indiachanges2012@gmail.com , indiachanges2013@gmail.com


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Coordinator "India changes" Delhi State

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Monday, May 20, 2013

क्या आप रुचि रखते है़??

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क्या आप रुचि रखते है़??
००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००
बदलता भारत (INDIA CHANGES ) विभिन्न क्षेत्रों में 8 जून को सायं 6pm से 9 pm तक एक कैंडिल मार्च का आयोजन कर रहा है । जो भी हमारी विचारधारा का है और समझता है कि जागरूकता के साथ साथ जनसंख्या नियंत्रण के लिये क़ानून बनाने की आवश्यकता है , और हमारी तरह वह भी मानता है कि जनसंख्या से सबसे अधिक पीड़ा ग़रीब को होती है ,अशिक्षा , कुपोषण ,बेरोजगारी ,अपराध से वह ग्रस्त हो जाता है , आइये हमारे साथ देश में जागरूकता लायें और संसद को कहें कि एक सक्षम क़ानून "जनसंख्या नियंत्रण अधिनियम " बनायें ।
जो भी जहाँ है प्रतीक स्वरूप कैंडिल मार्च में भाग ले ।जो व्यक्ति स्वयं कैंडिल मार्च का आयोजन करना चाहे हमें Facebook के माध्यम से बदलता भारत ( India changes) के पेज में अवगत कराये और हमारे मेल indiachanges2012@gmail.com अथवा indiachanges2013@mail.comपर सूचित करे ।
राज कुमार सचान होरी
राष्ट्रीय संयोजक - बदलता भारत ( India changes )


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Saturday, May 18, 2013

देश के राजनैतिक दलों , बुद्धिजीवियों से प्रश्न ???

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देश के राजनैतिक दलों , बुद्धिजीवियों से प्रश्न ???
देश में विस्फोटक स्तर तक बढ़ रही जनसंख्या के नियंत्रण के लिये "बदलता भारत "( INDIA CHANGES ) संसद से "जनसंख्या नियंत्रण अधिनियम " बनाने की माँग करता है । आप राष्ट्रीय महत्व के इस बिन्दु का समर्थन करते हैं ? या विरोध ?
समर्थन के लिये लिखें ---हाँ । विरोध के लिये लिखें -नहीं ।
राज कुमार सचान 'होरी'
राष्ट्रीय संयोजक - बदलता भारत (INDIA CHANGES ) www.indiachanges.com ,horibadaltabharat.blogspot.com , horiindiachanges.blogspot.com , indiachanges2013.blogspot.com , indiachanges2020.blogspot.com , facebook.com/pages/India changes , eid ----- indiachanges2012@gmail.com ,indiachanges2013@gmail.com



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Friday, May 17, 2013

देश के राजनैतिक दलों , बुद्धिजीवियों से प्रश्न ???

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देश के राजनैतिक दलों , बुद्धिजीवियों से प्रश्न ???
देश में विस्फोटक स्तर तक बढ़ रही जनसंख्या के नियंत्रण के लिये "बदलता भारत "( INDIA CHANGES ) संसद से "जनसंख्या नियंत्रण अधिनियम " बनाने की माँग करता है । आप राष्ट्रीय महत्व के इस बिन्दु का समर्थन करते हैं ? या विरोध ?
समर्थन के लिये लिखें ---हाँ । विरोध के लिये लिखें -नहीं ।
राज कुमार सचान 'होरी'
राष्ट्रीय संयोजक - बदलता भारत (INDIA CHANGES ) www.indiachanges.com ,horibadaltabharat.blogspot.com , horiindiachanges.blogspot.com , indiachanges2013.blogspot.com , indiachanges2020.blogspot.com , facebook.com/pages/India changes , eid ----- indiachanges2012@gmail.com ,indiachanges2013@gmail.com



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कैंडिल मार्च

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कैंडिल मार्च
दिनांक 8 जून 2013 समय 6 सायं से आरम्भ ।
स्थान ------महर्षि बाल्मीकि मंदिर निकट मदर डेरी चौक सेक्टर --5 राजेंद्र नगर से सरदार पटेल पार्क मोहन नगर ।
माँग --- "जनसंख्या नियंत्रण क़ानून " को संसद द्वारा बनाया जाय ।
दिनांक 8 जून शनिवार को सायं 6 बजे से जनसंख्या नियंत्रण क़ानून के बनाये जाने की माँग के समर्थन में एक कैंडिल मार्च महर्षि बाल्मीकि मंदिर , राजेन्द्र नगर से " बदलता भारत " (INDIA CHANGES ) संगठन द्वारा निकाला जायेगा । यह कैंडिल मार्च विभिन्न स्थानों से होता हुआ 8 बजे सायं पटेल पार्क , मोहन नगर चौराहा पहुँचेगा जहाँ पर इसका समापन होगा ।
आज देश जनसंख्या विस्फोट के मुहाने पर खड़ा है ।जहाँ सौ वर्ष पहले 1901 में भारत की जनसंख्या ( पाकिस्तान और बांग्लादेश को सम्मिलित करते हुये ) 23 करोड़ 80 लाख मात्र थी वहीं 2011 की जनगणना के अनुसार केवल अपने देश की जनसंख्या 125 करोड़ से अधिक है । यह वृद्धि तब है जब परिवार नियोजन और परिवार कल्याण के कार्यक्रम जोर शोर से राज्य और केन्द्र की सरकारों द्वारा चलाये जाते रहे हैं । आज जनसंख्या में हम विश्व में दूसरे स्थान पर हैं और मात्र 8 वर्षों बाद 2021 में हमारा देश पहले स्थान पर पहुँच जायेगा ।
80 करोड़ ग़रीबों का यह देश विश्व में ग़रीबी में सर्वोच्च पाँच स्थानों पर है । कितना शर्मनाक है यह ? यह अन्योन्याश्रित सत्य है कि ग़रीबी से जनसंख्या बढ़ती है और जनसंख्या से ग़रीबी बढ़ती है । यह एक कटु और ऐतिहासिक तथा अर्थशास्त्रीय सत्य है कि जनसंख्या वृद्धि ग़रीबी और ग़रीबों को बढ़ाती है ।किसी भी परिवार और राष्ट्र के आर्थिक संसाधन तो अंकगणितीय अनुपात में बढ़ते हैं जबकि जनसंख्या बीजगणितीय अनुपात में । आज स्थिति यह है कि देश में बहुमुखी विकास के बावजूद ग़रीबी भयानक रूप से बढ़ी है ।
जनसंख्या में बढो़तरी अमीरों के लिये उतनी कष्टकारी नहीं जितनी ग़रीबों के लिये । बच्चे अधिक होने से कुपोषण , अशिक्षा , बीमारी , ग़रीबी , अपराध एक साथ बढ़ते हैं । यह एक भ्रांति है और मिथ्या तथ्य है कि अधिक बच्चे ग़रीब के लिये अधिक काम करने वाले पैदा करते हैं इसलिये उसकी आर्थिक स्थिति सुधरती है । दो हाथों के साथ एक पेट भी तो आता है और उन हाथों के पास कोई संसाधन भी नहीं होते हैं और मात्र मज़दूरी पर आश्रित हो जाने से ग़रीबी साथ नहीं छोड़ती ।अभाव में जीवन और ग़रीब , और अभिशप्त हो जाता है ।
बदलता भारत ने इस समस्या का सांगोपांग अध्ययन किया है और पाया है कि देश के ग़रीबों के हित में जनसंख्या नियंत्रण विशेष रूप से आवश्यक है ।ग़रीबी मिटाने के लिये जनसंख्या नियंत्रित होनी आवश्यक है और इसका नियंत्रण अब बिना क़ानून के नहीं हो सकता । बिना जोर जबरदस्ती और बल प्रयोग के समानरूप से सभी के लिये परिवार नियोजन का एक ही उपाय है इसकेलिये सर्वोच्च संस्था संसद द्वारा एक ऐसा विधान बनाया जाय जो बिना किसी विभेद के समस्त भारतीय नागरिकों पर लागू हो । क़ानून की धारायें सख्त हों और उनके उल्लंघन पर कड़े प्रावधान हों । चीन से इस संबंध में बहुत कुछ सीखा जा सकता है ।
जनसंख्या बढ़ने से अशिक्षा , ग़रीबी बढ़ने से अपराधों में वृद्धि होती है । माँग और आपूर्ति में भारी अन्तर से आर्थिक भ्रष्टाचार बढ़ता है । शहरों में चारों ओर जाम और रेलों और बसों में लम्बी लम्बी वेटिंग क्या है ? एक दिन ये सारे शहर मात्र पैदल चलने लायक ही बचेंगे । दिल्ली और अन्य नगरों में नारियों के प्रति अपराध और बलात्कार क्या हैं ? ग़रीबों ,अशिक्षितों की फौजें तैयार हो गयी है़ जो न तो क़ानून जानती हैं और उनके पास संस्कार सीखने का न तो अवसर है न सुविधायें । जनसंख्या नियंत्रण से इन क्षेत्रोंमे भी सुधार होगा निश्चित ही ।
सम्पूर्ण देश में समस्त समान विचारधारा के संगठनों के साथ मिल कर जगह जगह सभाओं , रैलियों के द्वारा जागरूकता पैदा करने का कार्य बदलता भारत करेगा और आवश्यकता पड़ने पर बड़ा आन्दोलन भी खड़ा करेगा जब तक समस्त समस्याओं की जड़ जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिये कोई सशक्त क़ानून न बन जाय । देश के समस्त तालों की चाभी " जनसंख्या नियंत्रण क़ानून " है । आइये इसके लिये , राष्ट्र के लिये और ग़रीबों के लिये वातावरण बनायें ।
8जून के कैंडिल मार्च का नेतृत्व श्री राज कुमार सचान 'होरी' करेंगे । इसका संयोजन बदलता भारत की ग़ाज़ियाबाद इकाई द्वारा किया जा रहा है ।श्री विकास चौधरी मंडलीय संयोजक और ग़ाज़ियाबाद प्रवक्ता श्री सूर्यप्रकाश शर्मा की देखरेख में आयोजन किया जा रहा है । राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री शीतला शंकर विजय मिश्र , प्रसिद्ध कवि पं सुरेश नीरव राष्ट्रीय प्रवक्ता , मीडिया प्रभारी श्री कुलदीप सिंह राजपूत , श्री कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी , श्री जी एस त्यागी , श्री रोहित राज सचान एडवोकेट तथा अन्य अनेक महत्वपूर्ण व्यक्तियों द्वारा भाग लिया जायेगा ।
आप समस्त से अनुरोध है कि इस मार्च में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनायें ।
बदलता भारत (INDIA CHANGES )
Eid -indiachanges2012@gmail.com , indiachanges2013@gmail.com
www.indiachanges.com , horiindiachanges.blogspot.com , horibadaltabharat.blogspot.com , indiachanges2020.blogspot.com , Facebook.com/pages/India-changes


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Wednesday, May 15, 2013

ओउम् नम: शिवाय

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ओउम् नम: शिवाय
(होरी काव्य सागर )
(छन्द)--6
०००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००
अल्ला भगवन गाड कहो सब ,
एक बात है भाई ।
एक धर्म है एक जाति है ,
मानव कहाँ लड़ाई ?
धरती आसमान जो बाँटे ,
वह है कुर्सी माई ।
मन्दिर मस्जिद गिरजाघर,
गुरुद््वारा रही लड़ाय ।
ओउम् नम: शिवाय , ओउम् नम: शिवाय ।।
०००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००
राज कुमार सचान होरी


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Tuesday, May 14, 2013

ओउम् नम: शिवाय

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ओउम् नम: शिवाय
( होरी काव्य सागर )
(छन्द )-5
कभी ग़रीबी , कभी अशिक्षा , कभी धर्म की आड़ ।
जनसंख्या के हम नित नित , करते खड़े पहाड़ ।।
भगवान की देन हैं बच्चे कह पुनः शुरू हो जाते ।
बच्चे जनने की मशीन को निश दिन रहे चलाय ।।
ओउम् नम: शिवाय , ओउम् नम: शिवाय ।।


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Monday, May 13, 2013

ओउम् नम: शिवाय

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ओउम् नम: शिवाय
(होरी काव्य सागर से )
( छन्द)-4
देश में बढ़ती जाती दिन दिन हिजड़ों की नव टोली ।
हाव भाव हम उनके सीखे ,सीख गये हैं बोली ।।
गंभीर समस्याओं के हल में बजा रहे हैं ताली ।
और उन्हीं की भाँति निकालें मुख से आय हाय ।।
ओउम् नम: शिवाय , ओउम् नम: शिवाय ।।
०००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००
राज कुमार सचान 'होरी'


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Sunday, May 12, 2013

माँ

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माँ
०००००००००००००००००००००००००००००००००००००००
मातृ दिवस --मदर्स डे पर
@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@
माँ से बढ़ कर कौन यहाँ है ।
माँ से बढ़ कर केवल माँ है ।
---------------------------
होंगे सब के पास बहुत कुछ ,
मेरे ढिग तो केवल माँ है ।
---------------------------
दुनिया भर में घूमूं क्यों ,
माँ चरणों सम्पूर्ण जहाँ है ।
--------------------------
बाकी के तो ठौर ठिकाने ,
माँ ही केवल। यहाँ वहाँ है ।
------------------------
घुप अंधेरे में बस माँ ही ,
"होरी" जैसे एक शमां है ।
@@@@@@@@@@@@@@@@
राज कुमार सचान होरी


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Saturday, May 11, 2013

ओउम् नम: शिवाय

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ओउम् नम: शिवाय
( होरी काव्य सागर )
(छन्द )-3
कभी ग़रीबी , कभी अशिक्षा , कभी धर्म की आड़ ।
जनसंख्या के हम नित नित , करते खड़े पहाड़ ।।
भगवान की देन हैं बच्चे कह पुनः शुरू हो जाते ।
बच्चे जनने की मशीन को निश दिन रहे चलाय ।।
ओउम् नम: शिवाय , ओउम् नम: शिवाय ।।


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Friday, May 10, 2013

ओउम् नम: शिवाय

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ओउम् नम: शिवाय
*******************************************************************
[ होरी काव्य सागर ]
(छन्द)--2
नेता जी का चेहरा भोला , नीयत टेढ़ी मेढ़ी ।
बार बार जनता को पेरा , जैसे गन्ना पेड़ी ।।
नोवा पैरों में डाला जो प्रजातन्त्र की बेड़ी ।
जीवन भर जनता को दूहा जइस दुधारू गाय ।।
ओउम् नम: शिवाय , ओउम् नम: शिवाय ।
००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००
राज कुमार सचान होरी



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Tuesday, May 07, 2013

Fwd: बदलता भारत के दोहे

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Begin forwarded message:

From: Rajkumar sachan <horirajkumar@gmail.com>
Date: 27 April 2013 11:27:21 AM GMT+05:30
Subject: बदलता  भारत  के  दोहे

                       बदलता  भारत  के  दोहे
***********************************************
(१)परिवर्तन की लीजिये , सदा श्वंास प्रश्वांस ।
    बदलेगा भारत कभी, यही आश  विश्वास ।।
(२) भारत को बदलो ,उठो ,चलो हमारे साथ ।
     होरी बढ़ो , बढ़ो ,बढ़ो ,लिये हाथ में हाथ ।।
(३) जनसंख्या इस भाँति ,यदि, बढ़ी और श्रीमान ।
     मेले   से बन   जायेंगे , सारे  नगर  सचान ।।
(४) भारत में होगा कभी , जनसंख्या विस्फोट ।


Monday, May 06, 2013

मुक्तक -------

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मुक्तक -------
०००००००००००००००००००००००००००००००००
१- ब्रह्म हूं मैं , जानता हूं ।
ब्रह्म तुम भी ,मानता हूं ।।
ब्रह्म ही है तत्व जो ,
अक्षर रहेगा, जानता हूं ।।
२- आइये हम साथ हों , भारत बदलने के लिये ,
आमजन के हेतु हम ,कुछ तो करें , कुछ भी करें ।
हाथ में ले हाथ , हम बढ़ते रहें , बढ़ते रहें ,
मोतियों से देश की होरी सदा झोली भरें ।।



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Saturday, May 04, 2013

दो दिवसीय उपवास ( अनशन ) ,धरनास्थल, दारुल सफा,लखनऊ

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दो दिवसीय उपवास ( अनशन ) ,धरनास्थल, दारुल सफा,लखनऊ
००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००
दिनांक एक मई को मज़दूर दिवस पर INDIA CHANGES (बदलता भारत ) तथा अर्जक साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय उपवास और धरना प्रदेश स्तर पर किया गया , जिसका नेतृत्व दोनो संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष ,प्रसिद्ध कवि , साहित्यकार , समाजसेवी एवं प्रखर वक्ता श्री राज कुमार सचान "होरी" ने किया ।
चौदह सूत्री ज्ञापन धरना स्थल पर आकर अपर नगर मजिस्ट्रेट ने लिया ।इस अवसर पर भारी संख्या में लोगों ने भाग लिया । मुख्य वक्ता श्री राज कुमार सचान "होरी" ने संचालन करते हुये कहा कि बुद्धिजीवी को राजनीति में आना ही होगा अन्यथा देश में परिवर्तन नहीं होगा । अब भारत बदल रहा है , उसमें मौलिक परिवर्तन के लिये सृजन करना होगा । कलम उठाना होगा , देश की पिछड़ी जातियाँ लेखन से दूर होने के कारण और पिछड़ गईं ।दलित जातियों ने भी कोई लेखक , कवि पैदा करनें में संगठित प्रयास नहीं किये । दोनो ने उच्च जातियों से वैमनस्य का पाठ ही पढ़ा । बुद्ध , अम्बेडकर , लोहिया , राम स्वरूप वर्मा के बौद्धिक कार्यों को इनके ही अनुयायियों नें नहीं माना ।
होरी ने सम्बोधन में कहा कि आइये अब चाणक्य बनिये , वशिष्ठ बनिये । रानीतिक के साथ साथ साहित्यिक , धार्मिक सत्ता प्राप्त करना आवश्यक है ।अन्य वक्ताओं में इंडिया चेंजेज़ के प्रदेश संयोजक श्री हरिपाल सिंह , राष्ट्रीय अध्यक्ष शोषित समाज दल श्री अखिलेश कटियार , प्रदेश अध्यक्ष शोषित समाज दल श्री केदार सचान , श्री नत्थूलाल सचान कानपुर, श्री फूल चंद्र चौधरी , मीडिया प्रभारी बदलता भारत श्री रिज़वान चंचल , श्री जंग बहादुर पटेल बाराबंकी , सत्येंद्र पटेल फ़तेहपुर , जगदीश्वर पटेल लखनऊ ,श्री अशोक पटेल महाराजगंज , प्रियंका कटियार प्रदेश महिला अध्यक्ष शोषित समाज दल , राजेश सचान आदि मुख्य रहे ।
सम्पूर्ण देश में बदलता भारत के द्वारा लगातार अभियान चलाये जा रहे हैं । आप आयें ----
देश की माटी बुलाती है तुम्हें ,
आओ उठकर राष्ट्र ध्वज को थाम लो ।
धर्म और जातियों का भाव तज ,
प्यारों बेटो , भारत माँ का नाम लो । (होरी )


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Saturday, April 20, 2013

समानता का समर्थन विषमता का विरोध

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समानता का समर्थन विषमता का विरोध
****************************************
सभी मनुष्य जन्म से समान हैं । वर्णों , जातियों , धर्मों , भाषाओं आदि के आधार पर विभेद स्वयं मनुष्यों ने पैदा किये हैं । जन्मदाता नें तो केवल मनुष्य के रूप में ही हमें जन्म दिया है । इस लिये जहाँ भी ,जब भी ,जैसे भी विषमता का वर्णन होगा हम उसका खंडन और विरोध करेंगे । परन्तु उसी अंश तक । जैसे रामचरितमानस और मनुष्मृति में विषमता वाले अंशों का विरोध और खंडन , न कि सम्पूर्ण ग्रन्थों का ।
हमें यदि बहुदेववाद पर आस्था नहीं है तो हम उसको न माने और अपनी आस्था के अनुसार धर्म का पालन करें । यहाँ तक हम नया पन्थ चला सकते हैं या पुराने पन्थों , रीतिरिवाजों में संसोधन कर सकते हैं । हर व्यक्ति अपने अनुसार धर्म मानने के लिये पूर्ण स्वतन्त्र है । लेकिन कोई रास्ता खोजना होगा , जैसे स्वामी दयानन्द जी ने आर्य समाज की स्थापना कर के दिया था । बहुत पहले यही कार्य महात्मा बुद्ध और जैन मुनियों ने किया था ।
पर यह ध्यान रहे कि हम ज्ञान के ही विरोधी न हो जायें । क्या कारण है कि देश में 80%आबादी ( पिछड़ी,अनुसूचित ) में लेखकों , कवियों , पत्रकारों , कलाकारों , कलमकारों की संख्या नगण्य है । इन समाजों के लोगों ने स्वयं ही इन विद्या के क्षेत्रों में कभी ध्यान नहीं दिया और दोष सनातन व्यवस्था और ब्राह्मण समाज पर मढ़ते रहे । 1200 सौ वर्षों के मुस्लिम और अन्ग्रेजों के शासन में समाज के इन पिछड़े , दलित समाजों पर उच्च वर्णों की कोई पाबन्दी नहीं थी बल्कि इन समाजों ने स्वयं अपना सुधार नहीं किया । स्वयं विद्वान , पंडित बनने में कोई रुचि नहीं ली बस दूसरों को दोष देकर खानापूर्ति कर ली । विभिन्न विषयों पर किताबें इन वर्गों द्वारा न के बराबर लिखी गयीं । खेती , मज़दूरी में लगे रहे ,पढ़ने लिखने पर ध्यान नहीं दिया ।
1947 के पश्चात संविधान लागू है पर स्थिति में कोई विशेष परिवर्तन नहीं । आज भी इन दलित , पिछड़ों द्वारा कितनी किताबें लिखी जा रही हैं ? कितने लेखक , पत्रकार , कवि हैं ? नहीं हैं तो दोष आज भी हम उच्च वर्णों को देते हैं । हम अपनी मूर्खताओं के लिये भी दोषी ब्राह्मणों और उच्च वर्गों को ठहराते हैं । आज भी ज्ञान सृजन पर कोई ध्यान नहीं । अधिक से अधिक राजनैतिक सत्ता पर ध्यान तो गया पर ज्ञान , सृजन उपेक्षित ही रहा ।
आइये हम सूरज पर थूकनें के बजाय उससे सीखें । ज्ञान अर्जित करें । समानता प्राप्त करें । दलित और पिछडे़ ,उच्च वर्गों , वर्णों के समकक्ष पहुँचे ।
राज कुमार सचान होरी
कवि,लेखक, साहित्यकार , वक्ता
राष्ट्रीय संयोजक ---India Changes .राष्ट्रीय अध्यक्ष ---अर्जक साहित्य परिषद
Mob.07599155999
Eid horiindiachanges@gmail.com , arjaksangh.s.p@gmail.com
www.indiachanges.com , horibadaltabharat.blogspot.com ,arjaksahityaparishad.blogspot.com



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Tuesday, April 16, 2013

Raj Kumar Sachan `HORI` invites you to check out अर्जक साहित्य परिषद ( ARJAK ...

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I'm following अर्जक साहित्य परिषद ( ARJAK SAHITYA PARISHAD ) and think you'll be interested in it as well. To check it out, follow the link below:
http://arjaksahityaparishad.blogspot.com/?psinvite=ALRopfXgiaI0o6SO3UeDyAVfQvj6t8CqrJfeGjipqfsbzHxK4Mzgaq_ANnF_RwgZC5wc04JviiB3lVVX_GDI-rONdBPPJG_Z9w


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Google Friend Connect helps people with common interests discover interesting sites and interesting people. To learn more, visit http://www.google.com/friendconnect

Monday, April 15, 2013

Raj Kumar Sachan 'HORI': दो दिवसीय उपवास , लखनऊ

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Raj Kumar Sachan 'HORI': दो दिवसीय उपवास , लखनऊ: लखनऊ में मज़दूर दिवस के अवसर पर १ व २ मई को दारुल सफा में श्री राज कुमार सचान होरी , राष्ट्रीय अध्यक्ष -अर्जक साहित्य परिषद और राष्ट्रीय सं...मज़दूर दिवस पर

दो दिवसीय उपवास , लखनऊ

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लखनऊ में मज़दूर दिवस के अवसर पर १ व २ मई को दारुल सफा में श्री राज कुमार सचान होरी , राष्ट्रीय अध्यक्ष -अर्जक साहित्य परिषद और राष्ट्रीय संयोजक -बदलता भारत (इंडिया चेंजेज़)  के नेतृत्व में अधिक से अधिक भाग लें।।    
                                                             विकास चौधरी 
             

Tuesday, March 19, 2013

Re: कृषि को उद्योग का दर्जा

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On Thursday, January 10, 2013, Rajkumar sachan wrote:
कृषि को उद्योग का दर्जा
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      कृषि के समस्त कार्य एक उद्योग की तरह हैं । लगातार पूंजी निवेश , स्रम , उत्पादन आदि समस्त क्रियायें उद्योगों की भाँति होती हैं । समर्थन मूल्य भी मज़बूरी मे ही सही सरकारों द्वारा जारी किये जाते हैं । कृषक और कृषि असंगठित क्षेत्र हैं इस लिये उद्योंगों की तरह अपने मूल्य का निर्धारण नहीं कर पाता है । लागतें बढ़ती जाती हैं जिससे शुद्ध आय कम हो जाती है । कीमतों का निर्धारण आय और व्यय के आधार पर किया जाता है परन्तु कृषि में ऐसा नहीं हो रहा है । यहाँ किसान फ़सलें बो तो सकता है पर उनकी कीमत उद्योंगो की तरह स्वयं निर्धारित नहीं कर सकता ।
            एक उद्योग की तरह बैंकों से लोन भी स्वीकृत नहीं हो सकता ।कृषि को स्वयं बैंक घाटे का क्षेत्र मानता है। परन्तु दोनों स्थितियों से किसान को मुक्ति मिल सकती है यदि कृषि को उद्योग का दर्जा दे दिया जाय ।
                 इंडिया चेंजेज़ (INDIA CHANGES )



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Thursday, January 03, 2013

population growth

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India is badly suffering from population explosion . We have increased more than 6 times in last 100 years . growth is in vain . China is far ahead by controling its population . We must also think in those lines. We should also make laws regarding family planing.