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Saturday, December 31, 2011

HAPPY NEW YR

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चांदी जैसा आज हो , कल कंचन की खान |
हीरे सा नव वर्ष हो ,  शुभ  कामना सचान ||
^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^
दो  जीरो बारह छुएं , निज कर से  आकाश |
'होरी ' की शुभ कामना , जीवन भरे  प्रकाश ||
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     राज कुमार सचान 'होरी'

Sunday, November 27, 2011

1857 ke shaheed

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अमर स्वतंत्रता सेनानी राजा जयलाल सिंह और राजा बेनी माधव 
आज  मेरी यात्रा हुयी १८५७ प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दो अमर सेनानियों और शहीदों के ग्राम की  ....राजा जय लाल सिंह और राजा बेनीमाधव .मेरे  साथ थे  ..श्री संतराम पटेल प्रदेश  महा सचिव , श्री आर पी पटेल , श्री अम्बिका पटेल .सर्व  प्रथम मिले  रानी सावित्री देवी पत्नी स्वर्गीय राजा विन्देस्वरी प्रसाद सिंह से  उनके निवास अतरौलिया , आजमगढ़ [उत्तर प्रदेश ] रानी जो इस समय लगभग ८० वर्ष की हैं , को अपने साथ लेकर गए उनकी रियासत  ग्राम बौडरा जो अतरौलिया से मात्र कुछ किलोमीटर  पर  है और कभी इस रजवाड़े का शस्त्रागार था .
                                                     १८५७ के स्वतंत्रता के प्रथम युद्ध में लखनऊ में नवाब के सेनापति के रूप में अंग्रेजों से लोहा लिया था राजा जयलाल सिंह ,उनके भाई राजा रघुबर दयाल तथा उनके पिता  राजा दर्शन सिंह ने .राजा जय लाल की वीरता और नेतृत्व  के कारण लखनऊ में भीषण संग्राम हुआ जिसमे अनेकों बार अंग्रेज सेनाएं परास्त हुयीं . शहीद राजा जय लाल सिंह रानी लक्ष्मी बायीं ,नाना  साहब और तात्या टोपे के साथ तालमेल   कर   युद्ध  लड़  रहे   थे . जयलाल सिंह को अंग्रेजों ने फांसी दी.इनका स्मारक पार्क लखनऊ में है .
                              अतरौलिया  ,आजमगढ़ में इन शहीदों का कोई स्मारक नहीं है ,यह अफशोसजनक  है . इनकी वंशावली रानी सावित्री से पूछ  कर बनायीं जो निम्न प्रकार है ......
                                                                  राजा गरीब दास
                                                                      राजा दर्शन सिंह 
[१]पहली रानी                                               [२] मझली रानी                  [३] छोटी रानी 
एक लड़की मात्र                [१]रघुबर दयाल       [२]फ़तेह बहादुर       [१]राजा बेनी माधव [२]राजा जयलाल 
                             [१]रामस्वरूप [२]राम प्रताप                                तेज प्रताप सिंह          ठाकुर प्रसाद सिंह 
                                                                                             [१]बिहारी प्रसाद [२]बद्री नारायण    [१]नरसिंह [२]सतगुरु 
                                                                                                 [१]बिन्देस्वरी प्रसाद सिंह  [१] खुनखुन सिंह 
                                                                                                     [१]राजेंद्र प्रताप सिंह 
       रानी  श्री मती सावित्री सिंह जिनसे आज भेंट हुयी वह इन्ही बिन्देस्वरी प्रसाद सिंह की पत्नी हैं  जिन्हें लखनऊ में अनेकों बार सम्मानित किया जा चूका है . उनके पुत्र राजेंद्र प्रताप सिंह गाँव में रह कर कृषि कार्य करते हैं . मुख्य मार्ग   फैजाबाद आजमगढ़ से २ किलो मीटर स्थित अमर शहीदों के गाँव तक मात्र खडंजा है ,कंक्रीट मार्ग तक नहीं है . इस परिवार का यही दुःख है जो अंग्रेजों का साथ दे रहे थे उन्होंने इनकी भूमियों , सम्म्पत्तियों में कब्ज़ा कर लिया और आज समाज में सुविधाएँ भोग रहे है . इन्हें तो स्वतंत्रता सेनानी की सुविधाएँ तक नहीं . 
               राजेंद्र प्रताप सिंह से भेंट हुयी .उनके पांच पुत्र और पांच पुत्रिया हैं जो खेती में बस गुजर बसर कर रहे हैं .रानी सावित्री सिंह का mob ....9935435929
                                                      राज कुमार सचान 'होरी'          

Wednesday, November 23, 2011

read patel times

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Tuesday, November 22, 2011

MAHARAJGANJ GRAMIN BHRAMAN

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महाराजगंज[यु.पी.] में ग्रामीण भ्रमण 
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प्रसिद्ध साहित्यकार और सामाजिक चिन्तक  अखिल भारतीय कुर्मिक्षत्रिय  महा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पटेल राज कुमार सचान होरी जनपद महाराजगंज के दो दिवसीय भ्रमण में रहेंगे . ३ दिसंबर और ४ दिसंबर को चार तहसीलों में फैले ग्रामीण क्षेत्र में किसानों से जनसंपर्क कर उनकी कृषि ,परिवारिय समस्यायों पर चर्चा करेंगे .साथ में राष्ट्रीय महा सचिव श्री रामदेव पटेल और प्रदेश अध्यक्ष डाक्टर  विजय पटेल भी रहेंगे.इनके  अतिरिक्त  विश्राम चौधरी प्रदेश संगठन मंत्री , असोक पटेल प्रदेश महा सचिव , श्री कृष्ण चन्द्र वर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष  भी दो दिवसीय दौरे में साथ रहेंगे .महा संघ के गोरखपुर मंडल  के पदाधिकरी भी ग्रामीण भ्रमण करेंगे .महाराजगंज एक खेतिहर  जिला  है जहां पर कुर्मी समाज के किसानों की भारी संख्या है जिनमें से गरीब और पिछड़े  किसानों की संख्या बहुत अधिक है.खेती का व्यवसायिक करण , शहरी रोजगार , सत्ता और साहित्य में भागीदारी पर किसान भाईयों से विमर्श किया जायेगा .जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों की उन्नति के लिए  क्या कदम आवश्यक हैं इस पर गहन चिंतन किया जायेगा. 
                                                             अपने गत भ्रमण में श्री होरी ने पाया था की यहाँ  के लोगों में बहुत उत्त्साह है और उर्जा  भी ,इन्हें राष्ट्र  के विकास  की मुख्यधारा  में आसानी से लाया जा सकता है यदि गंभीर पहल की जाय ,इसीको धन में रख राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह दो दिवसीय ग्रामीण भ्रमण कार्यक्रम रखा है. 
            उक्त कार्यक्रम को लेकर  जनपद में समाज के किसानों में भारी उत्साह है.कुर्मी किसानों के साथ ही श्री 'होरी' अन्य समाज के कुछ किसानों से भी मिलेंगे .
                                                                                                         ब्युरोचीफ़ पटेल टाईम्स ,गोरखपुर 

Thursday, November 17, 2011

कुर्मी और गरीबी ************************ देश में सबसे अधिक कुर्मी जाति [९९%] आज भी गांवों में रह रही है . कुर्मी जाति का मात्र 5% नौकरियों या व्यवसाय में लगा है.इन 5% को छोड़ दें तो ९५% संख्या किसानी कार्यों में आज भी गुज़र बसर करने को मजबूर है .आज सभी को पता है की पारंपरिक खेती में शुद्ध लाभ कुछ भी नहीं है . यही कारण है की किसान की आर्थिक स्थिति दिनों दिन खराब होती चली जा रही है .चूंकि देश में आज सबसे अधिक कुर्मी जाती का ही किसान है इसलिए स्पस्ट है की कुर्मियों की आर्थिक सबसे अधिक खराब होगी ही . इधर खेती के क्षेत्र में प्राइवेट कम्पनियां धीरे धीरे प्रवेश कर रही हैं जिससे होगा यह की किसानों की भूमि वे लीज़ में ले कर उसी भूमि में उन्ही किसानों को मजदूरों के रूप में रखेंगी और आज का किसान कल का मजदूर बन जाएगा . आज भी कुछ लघु और सीमान्त किसान मनरेगा में मजदूरी करते देखे जा सकते हैं .वह समय दूर नहीं जब कुर्मी समाज मजदूर बन जायेगा . चेतने का समय है.खेती क्रैश क्राप करके बचायी जा सकती है. जिले के उद्यान अधिकारी से संपर्क कर फलों ,सब्जियों और फूलों खी खेती करना सुरू कर दें .खेतों में अधिक से अधिक टीक [सागौन] के पेड़ लगाएं . यदि १०००[एकहजार] टीक लगाये जाँय तो १५ से २० सालों में वे ३ से ४ करोड़ रूपये तक हो जायेंगे और मजदूर बन्ने वाला किसान करोडपति बन जायेगा . एक उपाय यह भी है की एक दो बीघा खेत बेच कर अपने पास के कसबे में एक प्लाट ले लें जो कुछ वर्षों में ही आपकी कुल ग्रामीण भूमि से अधिक कीमती हो जायेगा . साथ ही इसके माध्यम से आप शहर में भी आ जायेंगे और नगरीय सुविधाएँ पाने लगेंगे . आईये जो जागरूक हैं वे चेतें और अपने ग्रामीण परिवारों और मित्रों को इन रास्तों पर ले आयें . यह कुर्मी समाज के साथ बहुत बड़ा उपकार होगा. राज कुमार सचान 'होरी' राष्ट्रीय अध्यक्ष ,अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महा संघ

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कुर्मी और गरीबी 
************************
देश में सबसे अधिक कुर्मी जाति [९९%] आज भी गांवों में रह रही है . कुर्मी जाति का मात्र 5% नौकरियों  या व्यवसाय में लगा है.इन  5% को छोड़ दें तो ९५% संख्या किसानी कार्यों में आज भी गुज़र बसर करने को  मजबूर है .आज सभी को पता  है की पारंपरिक खेती में शुद्ध लाभ  कुछ भी नहीं है . यही कारण है की किसान की आर्थिक स्थिति दिनों दिन खराब होती चली जा रही है .चूंकि देश में आज सबसे अधिक कुर्मी जाती का ही किसान है इसलिए स्पस्ट है की कुर्मियों की आर्थिक सबसे अधिक खराब होगी ही .
                                   इधर खेती के क्षेत्र में प्राइवेट कम्पनियां धीरे धीरे प्रवेश कर रही हैं जिससे होगा यह की किसानों की भूमि वे लीज़  में ले कर उसी भूमि में उन्ही किसानों को मजदूरों के रूप में रखेंगी  और आज का किसान कल का मजदूर बन जाएगा . आज भी कुछ लघु और सीमान्त किसान मनरेगा में मजदूरी करते देखे जा सकते हैं .वह समय दूर नहीं जब कुर्मी समाज मजदूर बन जायेगा .
                         चेतने का समय है.खेती क्रैश क्राप करके बचायी जा सकती है. जिले के उद्यान अधिकारी से संपर्क कर फलों ,सब्जियों और फूलों खी खेती करना सुरू कर दें .खेतों में अधिक से अधिक टीक [सागौन] के पेड़ लगाएं . यदि १०००[एकहजार] टीक लगाये जाँय तो १५ से २० सालों में वे ३ से ४ करोड़ रूपये तक हो  जायेंगे और मजदूर बन्ने वाला किसान करोडपति बन जायेगा . एक उपाय यह भी है की एक दो बीघा खेत बेच कर अपने पास के कसबे में एक प्लाट ले लें जो कुछ वर्षों में ही आपकी कुल ग्रामीण भूमि से अधिक कीमती हो जायेगा . साथ ही इसके माध्यम से आप शहर में भी आ जायेंगे और नगरीय सुविधाएँ पाने लगेंगे  .
                              आईये जो जागरूक हैं वे चेतें और अपने ग्रामीण परिवारों और मित्रों को इन रास्तों पर ले आयें . यह कुर्मी समाज के साथ बहुत बड़ा उपकार होगा.
                                                                                                    राज कुमार सचान 'होरी' 
                                                                                                           राष्ट्रीय अध्यक्ष ,अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महा संघ 

Monday, November 07, 2011

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patel ke wanshaj

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 कुर्मी  गुर्जर एक उद्भव 
*************************
देश में कुर्मी , कुर्मिक्षत्रिय ,वर्मा  ,कटियार ,सचान , गंगवार ,पटेल, सिग्रौर, चौधरी ,आदि आदि १३०० से भी अधिक नामों से जाने वाली यह जाती भारत के कोने कोने में फैली हुयी है |इसी प्रकार गुर्जर ,गूजर नाम से चिन्हित  जाति मुख्य रूप  से दिल्ली  ,राजस्थान  ,हरियाणा ,गुजरात ,पंजाब  और पश्चिमी  उत्तर प्रदेश में मिलती है | दोनों ही क्षत्रपति शिवाजी और सरदार पटेल को अपना पूर्वज मानती हैं | दोनों के इतिहास से स्पस्ट होता  है की दोनों का उद्गम एक है ,वंश परंपरा एक है ,दोनों खेतिहर ,कर्मठ ,क्षत्रिय जातियां हैं | अन्य अनेकों समानताएं यह बताने के लिए  पर्याप्त हैं कि दोनों ही एक ही जाति हैं |आपस में शादी विवाह हों ,रोटी बेटी के सम्बंध हों इसके लिए अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष  श्री राज कुमार सचान होरी के अथक प्रयाशों  से गुर्जर परिषद्  के पदाधिकारियों से विचार विमर्श के पश्चात यह तैय हुआ कि  आपसी मतभेद और मनभेद भुला कर एक मंच बनाया जाय ,जिसके माध्यम से स्थायी एकता स्थापित की जाय|
               दोनों जातियों के सदस्यों से अनुरोध है कि अपने अपने स्तर से भी एकता के इस पुनीत कार्य  में अपना योगदान अवश्य देते रहें  |इससे  शिवाजी और सरदार पटेल की आत्मा प्रशन्न होंगी और स्वर्ग से आशीर्वाद देंगी |

Monday, October 31, 2011

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Thursday, October 27, 2011

भैया दूज मुबारक ***************** भाई की उन्नति , प्रगति के लिए , उसके स्वास्थ्य की कामना लिए , बहन करती है रोचना ,लगाती है टीका ..भाई के माथ | ताकि वह रहे हर पल भाई के साथ , सुख में , दुःख में .....पल पल ,हर पल साथ साथ जीवन भर | राज कुमार सचान 'होरी'

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भैया दूज मुबारक 
*****************
भाई की उन्नति , प्रगति के लिए ,
उसके स्वास्थ्य की कामना लिए ,
बहन करती है रोचना ,लगाती है टीका ..भाई के माथ |
ताकि वह रहे हर पल भाई के साथ ,
सुख में , दुःख में .....पल पल ,हर पल साथ साथ 
जीवन भर |
                                      राज कुमार सचान 'होरी'

Wednesday, October 26, 2011

आयिये अब राष्ट्र में, दीप ऐसा हम जलाएं| मन के आँगन में बसे , हर घोर तम को हम भगाएं || रोलियां हर द्वार पर , आयिये हम मिल सजा दें , दीप के इस पर्व को हम, दीप उत्सव फिर मनाएं || राज कुमार सचान 'होरी'

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आयिये   अब  राष्ट्र   में, दीप  ऐसा   हम     जलाएं|
मन  के आँगन में बसे , हर घोर तम को हम भगाएं ||
रोलियां  हर   द्वार पर , आयिये  हम  मिल  सजा दें ,
दीप  के  इस पर्व  को हम, दीप  उत्सव   फिर  मनाएं  ||
                     राज कुमार सचान 'होरी'   

Tuesday, October 25, 2011

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Sunday, October 23, 2011

deewali dohe

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दीवाली में सीखिए ,दीप दीप से स्नेह |
'होरी' अन्दर बाहरी , सजें सभी के गेह ||
********************************
लक्ष्मी जी को पूजिए , कर गणेश का ध्यान |
'होरी' दीपक पर्व में , खुशियाँ मिलें सचान ||
*************************************
दीपमालिका में सजें , लक्ष्मी और  गणेश |
'होरी' हर कर तम सभी , हरें विघ्न औ क्लेश ||
^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^
        राज कुमार सचान 'होरी'

Tuesday, August 30, 2011

RAJNEETI SE HI MILE

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राजनीति  से ही मिले , प्रजातंत्र  का स्वाद |
'होरी' बिन सत्ता रहो , भिक्षुक   से  आबाद ||
***********************************************
सत्ता औ साहित्य से , वर्ण  उच्च हो जाय |
'होरी' कैसे , कब कहो , कौन इन्हें  समझाय ||
***********************************************
राजनीति  से जो  रहे  , सदा    दूर    ही  दूर |
'होरी' पिछड़े वे  बने   , सदियों से        भरपूर ||
&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&
               राज कुमार सचान 'होरी' 

Monday, August 29, 2011

kisanon ke liye

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किसानों  के लिए .....
                   [१] मूल्य तो कम ही मिलेगा , लागतें  ज्यादा सही ,
                      'होरी' यही तो कृषि  उपज का, राजनीतिक   खेल है |
                  [२] उत्तम खेती  ही  कहेंगे ,अधम से  भी  अधम  हो ,
                     'होरी' यही  तो, शहरियों की  कृषि  विरोधी   चाल है |
                  [३] देशी कृषक  को ,  मूल्य   कम , सुविधाएँ    कम ,
                     'होरी' विदेशी अन्न   के , हम तो कायल   पूर्व  से |

Thursday, August 25, 2011

EK GAZAL APNON KE LIYE

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              एक ग़ज़ल  अपनों के लिए ....
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[1] औरों  की  ओर  ताकते कब तक युं रहोगे ,
 'होरी' स्वयं के   मध्य  से    नेता    उभारिये |
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[२] गैरों की  आरती   तो उतारी   है अब तलक ,
    'होरी'     सहोदरों   की  आरती     उतारिये   |
^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^
[३] लड़ते रहे हैं  आप सदा     निज  कुटुंब से ,
    'होरी' अदावतों   को तो, अब तो   बिसारिये |
^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^
[४] बीते   हैं  दिन बहुत,  यह शिर नीचे  किये हुए,
    'होरी' जी अपने आप को, अब तो   सम्हारिये |
^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^
[5] आपस की रंजिशों का यह,  शैतान जी लिया ,
     'होरी' जी इस शैतान    का , सर  अब उतारिये |
^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^
 [६] गैरों   के  लिए   अपनों   को  मारा  है आपने ,
    'होरी' इन  अपनों को  नहीं , अब  और    मारिये |
****************************************************
                 राज कुमार सचान  'होरी'

Sunday, August 21, 2011

ANNA KE NAAM 'HORI' KI KHULI CHITTHI

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  अगर लोकपाल  तानाशाह  बन गया .....
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अन्ना जी आपको सम्पूर्ण  आदर के साथ प्रणाम  करते हुए कहना चाहता हूँ  कि हमारे   संविधान निर्माताओं , स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाले नेताओं ने ऐसी  व्यवस्था की थी जिस से प्रधान मंत्री , राष्ट्रपति , सेनाओं का प्रमुख ,उच्चतम न्यायलय का मुख्य न्यायाधीश  इनमे से कोई भी इतना सर्वशक्तिमान न बनने पाए  की एक दिन वह तानाशाह ही बन कर देश की सारी सत्ता  अपने हाथ में ले ले | इसी का परिणाम है की देश सुरक्षित है | इसी कारण आप और आप के साथ जनता आन्दोलन कर पा रही है , हर किसी को अपनी बात रखने में स्वतंत्रता है | भूल गए ७५ की इमरजेंसी ?
                        आप अपने आन्दोलन और अनसन के बल पर अगर संसद को झुका कर एक सर्वशक्तिमान , तानाशाह  लोकपाल बनवाने  में सफल हो गए और भविष्य में एक तानाशाह लोकपाल आ गया , प्रजातंत्र को नष्ट कर दिया  तब यह देश बिखर जायेगा , जिसके लिए आपको भावी पीढियां क्षमा नहीं करेंगी और न ही गाँधी , सरदार पटेल , सुभाष  , भगत सिंह जैसे अनेकों की आत्माएं तुम्हे कभी माफ़ करेंगी | अभी समय है ...थोडा सोचो ... तुम्हारे साथी भी सोचें  ऐसे ही आज़ादी नहीं मिली , इसे फिर गंवाना नहीं चाहेंगे |
                            एक और महत्वपूर्ण तथ्य  जनलोकपाल यानि अन्ना के लोकपाल पर ...शिकायत कर्ता को इतनी छूट  है कि गैर जिम्मेदाराना शिकायतों की बाढ़ आजायेगी , कार्यपालिका के काम शिथिल पड़ जायेंगे| कर्मचारी , अधिकारी , मंत्री और अन्य निर्णय लेने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति शिकायतों के भय से  काम में अनावश्यक  विलम्ब करेंगे | कुछ  दलाल और माफिया  प्रकार के लोग कार्यपालिका को हर स्तर पर ब्लैकमेल करेंगे , परिणाम स्वरुप देश का विकास बाधित होगा |
                                         अन्ना उनके साथियों, और जनता   के नाम खुली चिट्ठी 
                                                  राज कुमार सचान 'होरी'

Saturday, August 20, 2011

SAMAJ, CHINTAN AUR CHINTA

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भ्रष्टाचार के विरुद्ध सारे देश का आन्दोलन ..
**********************************************
अन्ना के नेतृत्व  में   भ्रष्टाचार के विरुद्ध आन्दोलन अपने पूरे  उत्कर्ष पर है | एक नए भारत का  उदय होगा ऐसा  विश्वास  है | अनेक क्षेत्रों  में  समाज और सम्पूर्ण  राष्ट्र को लाभ होगा |देश तेजी से प्रगति करेगा , इसमें कोई दो राय नहीं |
                                           इस समय जब सब का जोश उफान पर है , मई अपनी एक चिंता से आप सबको जोड़ना चाहता हूँ | आप ९५% गांवो में आज भी  रह रहे पिछड़े  कुर्मी समाज के सर्वाधिक जागरूक सदस्य  हैं |आप नगरों में रह रहे हैं , पर आपके परिवारीजन , बन्धु बांधव  अधिकाँश संख्या में  गांवों  में ही निवास कर रहे हैं | किसानों की शुद्ध आय दिनोंदिन  कम  होती जा रही है  , वे और गरीब हो रहे हैं | अनेकों लघु और सीमान्त किसानों को मई जानता हूँ ,जो मनरेगा में मजदूरी करने लगे हैं | आपका सम्पूर्ण समाज; जिसमें ग्रामीण सर्वाधिक हैं , गरीबी , विपन्नता से और अधिक जूझ  रहा है | किसानों के लिए आन्दोलन का नेतृत्व  कौन करेगा ? शहरी वर्ग तो कदापि नहीं | फसलों की लागत समर्थन मूल्य से  कहीं ज्यादा है , कौन दिलाएगा उनको उनका  हक़ ?
                                     एक उदाहरण उत्तर प्रदेश का ही ले लीजिये ..... आपकी १३% जनसँख्या है , लगभग ११% यादव  और ८% ब्राह्मण समाज है , लेकिन आंकड़ों पर चिंतन करें , मनन करें और चिंता भी करें | आप राजनीति में , पत्रकारिता में , साहित्य में  नौकरियों में  इतना  पीछे हैं कि तुलना भी बेमानी लगती है | मुझे मालूम है अपनें  समाज के इन क्षेत्रों में होने वाले व्यक्तियों के नाम आप उँगलियों में गिन लेते हैं , पर औरों की गिनती करके देखिये, आप हांफ जायेंगे , गिन नहीं पाएंगे |
                                  इन सब समस्याओं  , पिछड़ेपन को दूर करने के लिए आन्दोलन करने कोई  गाँधी  , नेहरु  ,अन्ना नहीं आयेगा | आएगा तो आपके मध्य से ही |जागिये , उठिए , खड़े होईये ,देखते , देखते  जो आपसे पीछे थे  आगे निकल गए | क्या देश में अन्य के साथ कंधे से कन्धा  मिला कर नहीं चलेंगे , पिछड़ेपन का अभिशाप यूँ ही ढोते रहेंगे ?किसानों की सुध बुध नहीं लेंगे ?
                                               राष्ट्रीय स्तर पर  अखिल भारतीय कुर्मिक्षत्रिय महा संघ  का गठन इन्ही गंभीर  समस्याओं के निराकरण के लिए किया गया है | हम आपके साथ हैं | आप भी हमारा साथ दें | 'संघे शक्ती कलियुगे'
                                                       महा संघ में जो जहां  है वहीँ  अपना उत्तरदायित्व  ग्रहण करें | संपर्क करें ...ब्लॉग में दिए गए  ई मेल्स  के माध्यम से |
                                                                     kurmikshatriyamahaasangh. blogspot .com     

SARWASHAKTIMAN LOKPAL

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सर्वशक्तिसंपन्न  यदि , लोकपाल  बन जाय |
एक एक को ठोक कर , ठोकपाल  कहलाय  ||
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अगर निरंकुश   बन गया , लोकपाल सरताज |
प्रजातंत्र   घिर जायगा  , ज्यों चिड़ियाँ हों बाज ||
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लोकपाल  हो  हाँ , मगर , बने  न    तानाशाह |
'होरी'    डूबे   देश    तब , सागर  एक   अथाह||
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                  राज कुमार   सचान 'होरी '

Wednesday, August 17, 2011

PATRAKAAR , KAVI, LEKHAK SAMMAAN

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पत्रकार , कवि , लेखक सम्मान 
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समाज में  पत्रकारों  , कवियों और लेखकों का घोर  अभाव है | इसी कारण समाज का सम्मान  लगातार कम रहा है | ब्राह्मण  समाज आदि में इन क्षेत्रों में  सदियों से  बहुत कार्य हुए हैं और  आज भी  सबसे अधिक कवि, लेखक और पत्रकार उस समाज द्वारा दिए जा रहे हैं | परन्तु कुर्मी ,कुर्मिक्षत्रिय ,पटेल आदि आदि  से पूरे  देश  में  इन  अति महत्वपूर्ण  क्षेत्रों  में  लोग  न के बराबर हैं | १५ अगस्त को महाराष्ट्र  कुर्मी समाज के वार्षिक सम्मलेन  को मुख्य  अतिथि के रूप में श्री राज कुमार सचान 'होरी' राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सम्बोधित करते हुए जब प्रश्न किया ...कि महाराष्ट्र में आपके समाज में कितने पत्रकार , कवि ,लेखक हैं ? तो   खचाखच भरे सभागार में  घोर  सन्नाटा छा गया| एक भी व्यक्ति का नाम सामने नहीं आया ,तब श्री 'होरी' ने घोर दुःख जताते हुए  आह्वाहन किया कि लोग इन क्षेत्रों में आगे  आयें और अपने  बच्चों  को भी प्रेरित करें |
                                    अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष से प्रेरणा  और  दिशा निर्देश लेते हुए 'अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महा संघ' द्वारा 'पत्रकार , कवि ,लेखक सम्मान ' आरम्भ किया जा रहा है | ......
१  पत्रकार सम्मान .... किसी भी समाचार पत्र अथवा  चैनल  में  कार्य करने का कम से कम एक वर्ष का अनुभव |
२ कवि,लेखक सम्मान ..... किसी भी विधा  और विषय  में , किसी भी भारतीय भाषा में  लेखन किया जा रहा हो और कम से कम एक पुस्तक प्रकाशित हो चुकी हो |
                                          उपरोक्त सम्मानों  में प्रविष्टियाँ   २५ अक्टूबर  २०११ तक आमंत्रित हैं | पूर्ण विवरण के साथ  मुख्यालय प्रविष्टियाँ भेजें , अपने परिवारों , मित्रों के मध्य योजना का प्रचार करते हुए प्रविष्टियाँ भिजवायें | ये सम्मान  ३१ अक्टूबर   सरदार पटेल जयंती  के  अवसर पर  नयी दिल्ली में  एक  भव्य   कार्य क्रम में दिए जायेंगे | कोई और जानकारी  तथा सूचना  के लिए महा संघ  की ई मेल का कृपया प्रयोग करें |
                                                                       जय हिंद , जय सरदार पटेल |    

Sunday, August 14, 2011

RACHNAKAR, KALAKAR, KHILADI PROYSAHAN YOJNA

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स्वतंत्रता दिवस पर सहायता योजना 
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     'अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महा संघ'  द्वारा  स्वतंत्रता  दिवस पर  कवियों , लेखकों ,  पत्रकारों , रचनाकारों , कलाकारों , खिलाड़ियों  की सहायतार्थ  एक  नवीन योजना  आरम्भ की जा रही है | प्रत्येक   रचनाकार , जिसकी पुस्तक प्रकाशन के लिए स्वीकार  की जाएगी  पुस्तक की लागत का २०% से ५०% तक प्राप्त कर सकेगा | उसे अपनी पुस्तक का मानुस्क्रिप्त [फोटो कापी ] मुख्यालय भेजना होगा जिस पर संघ द्वारा निर्णय लिया जायेगा |
                                           कलाकारों और खिलाड़ियों   के प्रोत्साहन तथा आर्थिक  सहायतार्थ  प्रथक से योजना है , इन्हें अपना बायोडाटा  संघ की ईमेल  पर भेजना होगा |
            स्वतंत्रता दिवस पर समस्त को बधाई |

Saturday, August 13, 2011

RAKSHABANDHAN KE CHAND SHER

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रक्षाबंधन पर कुछ  शेर ...
                     [१] रक्षाबंधन पर्व पर माँ की सुरक्षा के लिए ,
                          भारत माँ   के  हाथ में तो एक राखी  बांधिए |
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                       [२] देश की बहनें यूँ  बोलीं, अबकी राखी पर्व में ,
                            आतंक गुरुओं से हमारी अब तो रक्षा कीजिये |
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                         [३] भ्रात भगिनी नात ईश्वर की अमिट सौगात है ,
                             'होरी'   इसे  अति जतन से राखी पिरो रख लीजिये |
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                         [४] सूत्र रक्षा का अगरचे हो बंधा हर हाथ  में ,
                             'होरी' कभी भी देश का बांका न कोई  कर सके |  
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                                      राज कुमार सचान 'होरी'
                                       

Friday, August 12, 2011

Raj Kumar Sachan 'HORI': RAKSHABANDHAN KE DOHE

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Raj Kumar Sachan 'HORI': RAKSHABANDHAN KE DOHE: " रक्षाबंधन के दोहे ... [१] बहना राखी बांध कर ,भाई से लिपटाय | ..."

RAKSHABANDHAN KE DOHE

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             रक्षाबंधन के दोहे ...
                           [१]  बहना राखी बांध कर ,भाई से लिपटाय |
                                'होरी' बोली नेह से , हिय में  रखना  भाय||
                              [२]रक्षाबंधन  आपको , मंगलमय शुभ लाभ |
                                 'होरी' राखी कर लिए ,भगिनी नेह   जनाब ||
                               [३] राखी राखे नेह  को , भ्रात भगिनि में  ढेर |
                                   'होरी' राखी  पर्व  ही , जिय  हिय राखे  घेर ||
                               [४] राखी धागा  प्रेम का , हो भ्राता    के  हाथ |
                                    'होरी' bahna हेतु यह , ताजीवन  का  साथ ||
                                [५] भ्रात भगिनि में हों जभी , पूर्ण   नेह  सम्बन्ध |
                                    'होरी' राखी सफलतम  , जीवन भर    अनुबंध ||
                                 [६] रक्षाबंधन  श्रेष्ठतम , पर्वों     का  त्यौहार   |
                                     'होरी' इसमें   है भरा  , भ्रात , भगिनि का  प्यार ||
                                *********************************************************
                                        राज कुमार सचान 'होरी'

RAKSHABANDHAN KE DOHE

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             रक्षाबंधन के दोहे ...
                           [१]  बहना राखी बांध कर ,भाई से लिपटाय |
                                'होरी' बोली नेह से , हिय में  रखना  भाय||
                              [२]रक्षाबंधन  आपको , मंगलमय शुभ लाभ |
                                 'होरी' राखी कर लिए ,भगिनी नेह   जनाब ||
                               [३] राखी राखे नेह  को , भ्रात भगिनि में  ढेर |
                                   'होरी' राखी  पर्व  ही , जिय  हिय राखे  घेर ||
                               [४] राखी धागा  प्रेम का , हो भ्राता    के  हाथ |
                                    'होरी' bahna हेतु यह , ताजीवन  का  साथ ||
                                [५] भ्रात भगिनि में हों जभी , पूर्ण   नेह  सम्बन्ध |
                                    'होरी' राखी सफलतम  , जीवन भर    अनुबंध ||
                                 [६] रक्षाबंधन  श्रेष्ठतम , पर्वों     का  त्यौहार   |
                                     'होरी' इसमें   है भरा  , भ्रात , भगिनि का  प्यार ||
                                *********************************************************
                                        राज कुमार सचान 'होरी'

Thursday, August 11, 2011

Fwd: Chand Lainey........

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---------- Forwarded message ----------
From: Acharya Arun Kanpuri <akanpuri@gmail.com>
Date: Thu, Aug 11, 2011 at 9:00 AM
Subject: Chand Lainey........
To: horisardarpatel@gmail.com


Respected Bhaiji;
                        Good Morning...
Just some times before on the behalf of your "order" I write Some
Lines"Aajadi Ka Matab."
So, I'm sending for your bolg.
With Regards.
a.a.kanpuri
Note-The font use in the poem Walkman Chankya-Boldx.901

RAASHTRA KO SAMARPIT CHAND SHER

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                    राष्ट्र  को समर्पित  चंद शेर..............
                 आयें मनाएं  आज सब , स्वातंत्र दिन को जोश में ,
                        'होरी' हमारा जोश लख , दुश्मन स्वयं जल जायेगा |
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                         अब की स्वातंत्र दिवस में पटेल को ही ध्यायिये ,
                                'होरी' इन्ही सरदार  से अक्छुन  रहेगा   देश अब |
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                               आतंक  का ही  नाम , मिट  जायेगा  भारत  से  सदा ,
                                  'होरी' बस  ,बस   एक   ही   सरदार   पैदा   कीजिये |
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                            राज कुमार सचान 'होरी'

'HORI' KE AATANK VIRODHI SHER

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  आतंक  विरोधी शेर ........
                                  [१] आतंक की  जड़  खोदिये , फिर खोदिये , फिर खोदिये ,
                                   और  फिर   मट्ठा   जड़ों   में ,   डालिए     आतंक     की |
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                                 [ २ ] शठे शाठ्यम  मंत्र   ही  , आतंक  की   बेहतर  दवा ,
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                               [३] चाहे गुरू अफज़ल, कि  चाहे, आतंकवादी हो कसाब ,
                                    'होरी' इन्हें   भारत   के सीने  में , न यूँ   तो  पालिए |
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                               [४] आतंक  का ही  नाम , मिट  जायेगा  भारत  से  सदा ,
                                  'होरी' बस  ,बस   एक   ही   सरदार   पैदा   कीजिये |
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                             [५] पटेल  के ही  रास्ते , चल  कर, तो  थोडा   देखिये ,
                                   खुद ब खुद   आतंकवादी   भूत  ही  भग   जायेगा |
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                                             राज कुमार  सचान  'होरी'      

Wednesday, August 10, 2011

FACEBOOK KE FACE{PART4 HAMID BHAYI}HORI KHADAA BAZAAR MEN

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                 {व्यंग्य }              फेस बुक के फेस [भाग ४] [होरी खडा बाज़ार में ]
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'होरी' बाज़ार में खड़े , खड़े  चिंतन कर रहा था , उमाशंकर मिश्र ,हरिपाल सिंह और कटियार के फेस को याद कर फेसबुक और इन्टरनेट की दुनिया का यथार्थ  भोग रहा था  कि तभी उधर से हामिद भाई आते दिखाई  दे गए |
         ख़ुशी हुयी कि उनके होनहार बेटे का हाल ले लूं , कई वर्षों  से  आयी ए एस की तयारी कर रहा था | पढाई में सदा औव्वल | हर बार क्लास में टाप करता रहा | हामिद भाई भी अपने शाहाब्जदे  की पढाई के कायल थे | उनका दावा रहता कि वह ज़रूर आई .ए .एस  बनेगा , कहते थे कि उनके शाहाब्ज़दे ने किताबे  तो  समझो  घोंट कर पी डाली हैं , फिर  आगे  मुझसे  कहा करते  ....
'होरी'जी आप को इन्टरनेट के बारे में कुछ पता नहीं , फिर सांत्वना देते हुए कहते  , कैसे  पता होगा ? हम लोग पुराणी पीढ़ी के जो ठहरे , पिछड़े हुए | आगे प्रकाश डालते जो उनके बेटे से उन्हें मिला था .... सीना फुला कर बताते ..इन्टरनेट में दुनिया का सारा ज्ञान  भरा पड़ा है | उनके शाहाब्ज़ादे आजकल इन्टरनेट से पढाई कर रहे हैं | जाने कितनी ज्ञान कि साईटें हैं  सब को खंगालते हैं , फेसबुक के अपने दोस्तों से डिस्कस करते हैं , मिलजुल कर तयारी करते हैं |इम्पार्टेंट चीजें  डाउनलोड करते हैं |
          फिर छाती  चौड़ी  कर कहते 'होरी' नया जमाना है , नयी पढाई है  | हम लोग ठहरे पुराने ज़माने के लोग | आज बहुत दिनों बाद वही  हामिद भाई  बाज़ार में अचानक मिल गए थे , खिश था कि शुभ समाचार सुनने को मिलेंगे , मिठाई खाने को मिलेगी .....फिर पूछा ... 'शाहाब्ज़ादे , आयी ए ,एस  हुए ? भाई मिठाई कब   खिला   रहे हो ?  वह इतना सुनना  था कि रो पड़े , मेरे कंधे में सर रख कर फफक फफक कर रोये |जब आंसू शांत हुए तब बोले .......
        'होरी' मेरा लड़का बर्बाद हो गया | हीरा जैसे  होनहार  बेटे  को इन्टरनेट खा गया , फेसबुक के जाल में उलझ गया |वह रात रात भर जागता , मैं समझता पढाई कर रहा है, वह चैटिंग करता था , पढाई से चीटिंग  करता था | क्रेडिट कार्डों   से अंधाधुंध अनेक साईटों में रूपये लगा कर अश्लील सामग्री लोड करता , इतना  डाउनलोड किया कि पूरा परिवार डाउनलोड हो गया |   फिर  मुझे खींचते हुए  एक मोहल्ले कि ओर ले चले .. बड बड़ा रहे थे .... बोले चलो उस मोहल्ले में होरी जहां कभी बाप दादा भी नहीं गए थे ... 
                      वह मुझे वेश्याओं के मोहल्ले में ले आये  थे  | दूर  इशारा करते हुए बोले ... वह  जो लड़का खडा है , वही मेरे शाहाब्जदे हैं ...पहले रुपया था पैसा था तब यह कोठे के बादशाह थे , अब दल्ले हैं , दल्ले ...फिर हामिद भाई सुबकने लगे | 
             मुझसे नाराज़ होते बोले 'होरी' तुम ऐसे ही बाज़ार में खड़े  रहना , घर के घर तबाह हो रहे हैं , वहाँ जाओ | अब मैं उनके साथ  घरों कि ओर चल पडा था ......"'होरी' आँगन में खडा लिखने "  [क्रमशः]

Monday, August 08, 2011

KURMI KSHATRIYA MAHAA SANGH: STATES UNITS

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KURMI KSHATRIYA MAHAA SANGH: STATES UNITS: "ANY PERSON INTERESTED IN DEVELOPMENT OF KURMIS/ KURMI KSHATRIYAS /PATELS FROM ANYWHERE IN INDIA /ABROAD WHO IS CITIZEN OF INDIA O..."

Tuesday, August 02, 2011

NAAGPANCHMI KA DOHA

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                     नागपंचमी  पूजिए , आस्तीन  के   नाग |
                      दूध पिला कर बोलिए,भाग,भाग तू भाग ||
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                              राज कुमार सचान 'होरी' 

Saturday, July 30, 2011

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  [व्यंग्य ]                            फेसबुक के फेस[भाग  ३] {होरी खडा बज़ार में}    
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                  'होरी'  को  बज़ार  में   आगे   चौराहे  के  पास  कोतवाली  से  आते  हुए  कटियार   साहब   टकरा  गए |नयी   पीढ़ी  के यही  कोई  ३०  वर्ष  के  रहे  होंगे | दो  बच्चों के  पिता  पर  फेसबुक  के  दीवाने   |इन्टरनेट  के  मास्टर| मैं  पूछ बैठा   'क्या   हाल   है  ?'
                                                                  यह   बताते   चलें   कि कटियार  नयी  पीढ़ी  के सोसल  नेटवर्किंग  के  जबरदस्त  समर्थक  थे | स्पेस्लिस्ट    थे | इतने  लाभ गिनाते  कि  सुनने वाले इनके   फेसबुक   फ्रेंड्स   हो   जाते| अनेक   देशों  में फैले    इन्तेर्नेतीय    दोस्त  | यहाँ  दोस्ती   के  लिए  मिलना  आवश्यक  नहीं | बिना  मिले  दोस्ती |चैटिंग  चैटिंग  में दोस्ती  के  गुरु  थे  कटियार |
आज  कुछ , चेहरा   लटका  हुआ था  |फेस  की  चमक  दमक  गायब | मेरे  प्रश्न  का  कोई  उत्तर  नहीं |मुझे मजाक सूझी ...'फेसबुक में कोई नयी इंट्री हुयी क्या , कटियार साहब ?
अब  कटियार  के  अन्दर  का  घड़ा  फूट  गया| बोले ...'होरी   , आपको  फेसबुक  की  इंट्री की  पड़ी है , मेरे  जीवन  की  इंट्री  बिगड़ी  जा  रही  है | कोतवाली के फैमिली कौन्सिलिंग सेंटर  से आ रहा हूँ |यह मेरी पत्नी है , मुस्किल से मानी है  , तलाक  से  नीचे  बात  ही  नहीं  कर  रही  थी |कहती  थी  की  घर  में  फेसबुक  रहेगी   या  वह  फैसला करलो| 
                                               पत्नी को लेकर , फेसबुक को थानें में  ही छोड़ कर  आ रहा हूँ |  फिर मुझे एक किनारे ले जाकर  धीरे से कान में बोले ...'होरी जी , बच्चों और पत्नी की नज़रों में मेरा फेस गन्दा हो चुका है | ' मैं भी धीरे से बोला  ' आखिर  हुआ  क्या ?' वह  एक  ठंडी  और  लम्बी  सांस  खींच  कर  धीरे  धीरे बोले...' मेरी  फेसबुक  की  वाल बार , बार कोई गन्दी कर  देती थी, वह फेस बुक  की  वाल  को  दीवाल  समझ  कर  काला  पोत  देती | मैं साफ़   करता  तब  तक  फिर  पोत  देती | इधर मैं व्हाईट करता , उधर वह ब्लैक कर देती | मुझे भी इस रंगाई , पुताई में मज़ा आ रहा था , पर  एक  दिन  मेरे  बच्चों  ने  पकड़  लिया ,  फिर  क्या  माँ  को  बता  दिया|
                                               घर  में  कोहराम  मच  गया | पत्नी बोली यही तुम्हारा असली फेस है ? तभी  हमेशा  फेसबुक में  गड़े  रहते थे | मैं जा रही हूँ , तुम उसी से शादी  करलो |  मामला फैमिली कोर्ट से बचा है | आज कई महीनों का झगडा  थमा है | फेसबुक से भाग कर फेस नीचे किये हुए कटियार  साहब  मेरे कान में  बोले  ...अब पत्नी को घर में , फेसबुक को आफिस में |
                                  'होरी' सोच सोच कर  परेशान था  पत्नी ,परिवार चाहे जाये  फेसबुक न जाए | क्या बाला है  फेसबुक !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!![क्रमशः]
                                                                                                                राज कुमार सचान 'होरी'              

Thursday, July 28, 2011

OM NAMAH SHIVAY [HORI KAVYA SAAGAR SE] ]

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                                                                                          ओम नमः शिवाय [होरी काव्य सागर से ]
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                                   देश में बढ़ती जाती दिनदिन,  हिजड़ों की नव टोली |
                                   हाव  भाव  हम  उनके  सीखे , सीख गए हैं ,  बोली ||
                                   गंभीर  समस्याओं  के हल  में  , बजा  रहे  हैं ताली,
                                   और उन्हीं  की भाँति निकालें  ..मुख से 'आय हाय' ||
                                    ओम    नमः   शिवाय  ,   ओम   नमः   शिवाय ||
                                  *********************************************************
                                    कभी गरीबी  , कभी  अशिक्षा , कभी धर्म  की  आड़ |
                                    जनसँख्या  के हम  नित , नित , करते   खड़े  पहाड़ ||
                                    भगवान  की देन  हैं  बच्चे, कह  पुनः  शुरू  हो जाते ,
                                    बच्चे  जनने  की मशीन  को,  निश  दिन रहे चलाय ||
                                    ओम    नमः    शिवाय  ,     ओम    नमः    शिवाय ||
                                    **********************************************************
                                    आँखों   में   पट्टी   क्यों   बाँधे , न्याय्कारिणी    देवी ?
                                    आँख  की अंधी , गाँठ  की  पूरी   , न्याय्धारिणी  देवी ||
                                     मनुज न्याय है मत्स्य न्याय क्यों बनता जाता दिन दिन?
                                     चौराहों  पर   चर्चा   क्यों   है ? आज  बिक   रहा  न्याय ||
                                     ओम    नमः    शिवाय     ,    ओम    नमः    शिवाय   ||
                                      **********************************************************
                                    कहीं  कसाब , कहीं  पर   अफज़ल,  मिलते   कहीं  सईद |
                                    भष्मासुर     आतंकी   करते  मिट्टी   ,   हिंद     पलीद || 
                                    पर भारत   में  जमें   शिखंडी ,  युद्ध    करें  क्या  खाक ,
                                    अब   आतंकवाद  में  हे  शिव  , तुम  ही  होउ   सहाय ||
                                    ओम     नमः      शिवाय  ,    ओम     नमः     शिवाय 
                                 ***********************************************************
                                                                    राज कुमार सचान 'होरी'