- This coupon works worldwide.
- Coupon Price is $10.
- Coupon Validity is 31st Dec 2016.
Through lectures of Motivation,Personality Development help people and particularly young generations to achieve success . MAKE IN INDIA and MAKE BY INDIA is my way .PCS(retd) हिन्दी साहित्यकार ,दो दर्जन पुस्तकें ,मंचों में संचालन और काव्यपाठ । सम्पादक -- "होरी" पत्रिका और पटेल टाइम्स www.pateltimes.blogspot.com,www.horiindianfarmers.blogspot.com,www.indianfarmingtragedy.blogspot.com rajkumarsachanhori@gmail.com ,pateltimes47@gmail.com
Total Pageviews
Tuesday, June 14, 2016
Bing $100 Coupon For New Advertisers
Sunday, June 12, 2016
Thursday, June 09, 2016
Monday, June 06, 2016
Fwd: Results of HLS INTER COLLEGE 2016 BOARD
Sent from my iPad
Begin forwarded message:
From: kapil sharma <kapilzsharma09@gmail.com>
Date: 6 June 2016 at 17:09:37 IST
To: horirajkumar@gmail.com
Subject: Matter for magazine
---------------------------HLS inter college, Kanpur
-------------------------Board result - 2016
-------------------10th high school-
-----------------------------Number of students-99Passed 100% with first classWith honours-91 students
-----------------------------12th intermediate-
--------------------------Number of students-88Passed 100% with first classWith honours-83 students
---------------------------- Rajkumar Sachan HoriSimilar Results every year.
Friday, May 13, 2016
Thursday, May 12, 2016
Hori KAHIN
होरी कहिन
----------
१--
राजनीति के व्यूह में , फँसा राष्ट्र अभिमन्यु ।
नेता दुर्योधन सदृश , करें अनीति जघन्य ।।
करें अनीति जघन्य , महाभारत रचते हैं ।
युद्धों में बस काग,गिद्ध ,निशिचर बचते हैं।।
होरी अब तो बन्द करो , ओछा अनीति ।
नहीं, ग़ुलामी आ जाये , इस राजनीति ।।
०००००००००००००००००००००००००००
२--
एकत्रित होने लगे , कालोनी के चोर ।
आपस में मिल बाँट कर, खायें करते शोर ।।
खायें करते शोर , सभी मौसेरे भाई ।
ख़ुश हैं मोटी मोटी पा , घनघोर कमाई ।।
साहूकार अकेले होकर, दिखते हैं असहाय ।
चोर तिजोरी लूट कर ,गये सभी कुछ खाय।।
००००००००००००००००००००००००००००००००
३--
उत भी जंगल राज है , इत भी जंगल राज ।
होरी दिन कैसे कहो , जनता देखे आज ।।
जनता देखे आज , दुशासन सीना जोरी ।
टूट गई है आज , सुशासन वाली डोरी ।।
ख़ुश हैं चारों ओर ,भेड़िये ,चीते आज ।
होरी फैला देश में , देखो जंगल राज ।।
०००००००००००००००००००००००००००००
राज कुमार सचान होरी
Sent from my iPad
Sunday, May 08, 2016
Monday, May 02, 2016
Hori Kahin
होरी कहिन
----------
१--
होरी लघु तो थामिये , बड़े न दीजै डार ।
वहाँ करेगी क्या सुई, जहाँ काम तलवार ।।
जहाँ काम तलवार , वहाँ नाकाम सुई हों ।
किन युद्धों में सुइयाँ ,लडने कहो गई हों ।।
लघु के साथ बड़ों से नाता ,बहुत ज़रूरी ।
तभी मिलेगी तुम्हें सफलता ,भाई होरी ।।
०००००००००००००००००००००००००००००
२--
दिल्ली में तुग़लक़ हुये,दिल्ली का सौभाग्य ।
बाक़ी क्षेत्र दुखी हुये , रोते हैं दुर्भाग्य ।।
रोते हैं दुर्भाग्य, मनायें , आयें तुग़लक़ ।
ख़ुश ख़ुश हैं पंजाब क्षेत्र के ,सारे उजबक ।।
मफ़लर राजा ख़ुश ही रहते,भले उड़ाओ खिल्ली ।
होरी इसको कहते हैं , दिल वालों की दिल्ली ।।
००००००००००००००००००००००००००००००
३--
कारों की बिक्री बढ़ी ,आड इवेन के फेर ।
दिल्ली सारी पट गई , विज्ञापन के ढेर ।।
विज्ञापन के ढेर , 'आप' के द्वारे द्वारे ।
दिल्ली वाले फिरते हैं बस , मारे मारे ।।
वायु प्रदूषण , विज्ञापन का ,बढ़ा प्रदूषण ।
होरी दिल्ली वालों का तो , अब भी शोषण ।।
-----------_-----------------------
राजकुमार सचान होरी
Sent from my iPad
Saturday, April 23, 2016
होरी कहिन २४/४/१६
होरी कहिन
००००००००००
१--
देखो उत्तराखंड में , उलझे बड़े सवाल ।
नेता खड़े पहाड़ में , करते बड़े बवाल ।।
करते बड़े बवाल , बाल की खाल निकालें।
मित्र शत्रु सब इक दूजे को,गलबहिंयां डालें।।
पत्रकार क्या लिख सकता है,इससे बढ़िया लेख।
राजनीति का खेल घिनौना ,चल पहाड़ पर देख ।।
०००००००००००००००००००००००००००००००००
२--
साम्प्रदायिक हो गया , हिन्दू कहना आज ।
यही देन है देश को , कांग्रेस के राज ।।
कांग्रेस के राज , हिन्दुओं की अनदेखी ।
धर्मनिरपेक्ष मारते , लेकिन पूरी शेखी ।।
सभी रहें मिल बाँट कर,बढे देश का काज ।
अपने अपने धर्म संग ,करो देश पर नाज ।।
००००००००००००००००००००००००००००
३--
चाहे जितना भी करे , तुष्टीकरण समाज ।
होरी स्थायी नहीं , इससे बनते काज ।।
इससे बनते काज , सदा बस थोथे होते ।
तुष्टीकरण बीज ,सदा नाहक हम बोते ।।
आज ज़रूरत हम सबका रखें मात्र बस ख़्याल ।
होरी तुष्टीकरण नीति तो ,अपने आप बवाल ।।
००००००००००००००००००००००००००००००
४--
आओ बनें करोड़पति , मेरे मित्र किसान ।
मत्स्य ,वृक्ष,पशु,कैश की, खेती करें सचान।।
खेती करें सचान , टीक के बाग़ लगायें ।
यूकीलिप्टस मेड ,खेत में, कहीं लगायें ।।
पशुपालन,मछलीपालन की करिये शुरुआत।
मिटे ग़रीबी ,बढे अमीरी ,बन जायेगी बात ।।
००००००००००००००००००००००००००००००००
५--
आरक्षण के जन्म का , जाति बनी आधार ।
अगर जाति मिट जाय तो, आरक्षण बेकार ।।
आरक्षण बेकार,व्यर्थ हो जाति अगर मिट जाये।
भारत तब एकता सूत्र में,रातदिवस बँध जाये ।।
हम करें बहुमुखी उन्नति,मिल मिल कर इस भाँति।
होरी पहले आवश्यक है, आओ मेंटें जाति ।।
००००००००००००००००००००००००००००००००००००
राजकुमार सचान होरी
Sent from my iPad
Friday, April 22, 2016
Wednesday, April 20, 2016
HORI KAHIN21/4/16
होरी कहिन
---------
१--
घर घर टीवी सीरियल ,खड़ी करें दीवार ।
घर वालों से है नहीं , बस इनसे ही प्यार ।।
बस इनसे ही प्यार , कहानी कैसी कैसी ?
घर घर यही सीरियल करते, ऐसी तैसी ।।
आदर ,स्नेह ,प्यार घर के ,सब गये बिखर।
होरी इन्हीं सीरियल से ,पीड़ित घर घर ।।
००००००००००००००००००००००००००००००
२--
हिन्दू होना नर्क है , पाक बांग्लादेश ।
अल्पसंख्यकों के लिये ,कैसा है संदेश।।
कैसा है संदेश ,कहो भारत क्या करता ?
अल्पसंख्यकों हेतु चुप ,क्यों भारत रहता ।।
भारत पाक वार्ता में ,यह बिन्दु उठाओ ।
अल्पसंख्यकों हेतु,अरे कुछ सबक़ सिखाओ।।
०००००००००००००००००००००००००००००
राजकुमार सचान होरी
Sent from my iPad
Tuesday, April 19, 2016
Sunday, April 17, 2016
Hori KAHIN
होरी कहिन
००००००००००
१--
जभी सीय ने था किया ,लक्ष्मण रेखा पार ।
राम राज रोया बहुत, दशकन्धर के द्वार ।।
दशकन्धर के द्वार ,हुआ था युद्ध भयानक ।
राम - दशानन युद्ध ,याद है अभी कथानक ।।
लक्ष्मण रेखा पार न करिये , आप कभी ।
होरी निश्चित युद्ध पार हम , करें जभी ।।
०००००००००००००००००००००००००००००००००
२--
अच्छा है डूबें मरें , सरिता में मँझधार ।
क्या जीना बैठे हुये , यूँ ही इस उस पार ।।
यूँ ही इस उस पार , बैठ कर मक्खी मारें ।
रोज क़ीमती समय ,व्यर्थ में यूँ ही टारें ।।
तभी ज़िन्दगी भर खाते ,गच्चे पर गच्चा ।
होरी चलते रहना ही , जीवन में अच्छा ।।
०००००००००००००००००००००००००००००
३--
होरी मेरे देश में , जाति धर्म के रोग ।
आपस में बिखरे हुये ,हम भारत के लोग ।।
हम भारत के लोग , सदा ख़ुद से टकरायें ।
भाई बन्धु लगें दुश्मन , तो दुश्मन भायें ।।
मीर जाफरों , जयचन्दों के अब भी घर ।
भारत माता दु:खी , डालिये नज़र जिधर ।।
००००००००००००००००००००००००००००००
राजकुमार सचान होरी
Sent from my iPad
Tuesday, April 12, 2016
होरी कहिन १२/४/१६
होरी कहिन
------------
१--
जनता दल के शीर्ष पर , हैं नीतीश कुमार ।
राजनीति राष्ट्रीय हित , बैठे हैं तैयार ।।
बैठे हैं तैयार ,भाजपा से टकराने जमकर ।
गठबन्धन को नये सिरे से,पंख लगाने कसकर।।
जब होगी मोदी नीतीश में ,भारी टक्कर ।
होरी राजनीति के पंडित ,खायेंगे तब चक्कर ।।
-----------------------------------
२--
अल्पसंख्यकों पर सदा ,होते अत्याचार ।
पाकिस्तानी भूमि पर बड़े बड़े ब्यभिचार ।।
बड़े बड़े ब्यभिचार , दुखी हिन्दू ईसाई ।
रोयें बिलखें मगर नहीं , होती सुनवाई ।।
कट्टरता की भूमि , हो गई पाकिस्तान ।
होरी सावधान रहना ओ! हिन्दुस्तान ।।
०००००००००००००००००००००००००००
राजकुमार सचान होरी
Sent from my iPad