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Thursday, March 24, 2016

Fwd: होरी कहिन



---------- Forwarded message ----------
From: Raj Kumar Sachan HORI <rajkumarsachanhori@gmail.com>
Date: Friday 25 March 2016
Subject: होरी कहिन
To: Sunstarfeature@gmail.com


होरी कहिन 
०००००००००००
१-- होरी में चल खेलते , जेएनयू इस बार ।
जहाँ कन्हैया कर रहे , खुल्लम खुल्ला प्यार ।।
खुल्लम  खुल्ला  प्यार करें , आज़ादी   पूरी ।
करें  सभी  कुछ  आज़ादी , पर  लगे  अधूरी ।।
लाल  रंग  में डूब   कन्हैया , काला    पोते ।
होरी   बाक़ी   रंग   दुखी , जे एन यू  रोते ।। 
०००००००००००००००००००००००००००००
२--
होली दीवाली तभी , जब  तक  वीर जवान।
घर में हों धन धान्य सब, ज़िन्दाबाद किसान ।।
ज़िन्दाबाद  किसान , देश  में  हो  हरियाली ।
ख़ुश हो आस पड़ोस , और ख़ुश हो घरवाली ।।
भाँति  भाँति   के रंग  लगायें , बोलें   बोली ।
होरी   आयें   राष्ट्रप्रेम   की , खेलें    होली ।।
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राजकुमार सचान होरी 


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